Agra Taj Resort Bomb Threat: ताजमहल के पूर्वी गेट के पास स्थित ताज रिजॉर्ट होटल को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद गुरुवार शाम हड़कंप मच गया। धमकी भरा ई-मेल मिलने की सूचना तत्काल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को दी गई। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ डॉग स्क्वाड, बम डिस्पोजल स्क्वाड और अन्य जांच एजेंसियां होटल पहुंचीं। सुरक्षा के मद्देनजर होटल के प्रत्येक हिस्से की बारीकी से जांच की गई।
जानकारी के मुताबिक होटल प्रबंधन को शाम करीब 5:05 बजे एक अनजान ई-मेल प्राप्त हुआ। इसमें कथित तौर पर होटल को सात दिनों के भीतर कभी भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ई-मेल मिलने के बाद होटल प्रबंधन ने बिना देरी किए पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
सुरक्षा एजेंसियों ने होटल परिसर में डॉग स्क्वाड और बम डिस्पोजल स्क्वाड की मदद से तलाशी अभियान चलाया। मेटल डिटेक्टर से भी होटल के विभिन्न हिस्सों की जांच की गई। होटल के कमरों, कॉरिडोर, पार्किंग और अन्य स्थानों को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच की गई। साइबर सेल की टीम भी धमकी भरे ई-मेल के स्रोत और इसे भेजने वाले के संबंध में जानकारी जुटाने में लगी है।
होटल एंड ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवानी ने घटना को गंभीर और संवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के धमकी भरे ई-मेल पहले भी सामने आते रहे हैं। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन को सूचित कर दिया गया था, जिसके बाद सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं।
वाधवानी ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से आगरा की पर्यटन इंडस्ट्री की छवि प्रभावित हो सकती है। उनके मुताबिक आगरा एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है और ऐसी धमकियों से पर्यटकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो सकती है।
वहीं, ताज रिजॉर्ट के स्वामी महेश करदम ने बताया कि शाम करीब 5:05 बजे होटल को ई-मेल के माध्यम से धमकी मिली थी। ई-मेल में सात दिनों के अंदर होटल को कभी भी बम से उड़ाए जाने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी दी।
फिलहाल पुलिस और विभिन्न जांच एजेंसियां होटल परिसर की जांच में जुटी हैं। साथ ही धमकी भरे ई-मेल की तकनीकी जांच कर उसके स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही धमकी की वास्तविकता और इसके पीछे की मंशा स्पष्ट हो सकेगी।