Agra Municipal Corporation: मुग़लकाल में सत्ता और साम्राज्य की राजधानी रहा आगरा इन दिनों चर्चाओं और सुर्खियों में है। अकबर के समय में भी आगरा को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा था, इसी कारण उन्हें आगरा से पलायन करना पड़ा। आज भी वही हाल है। यही कारण है कि पानी, सड़क और भ्रष्टाचार जैसे ज्वलनशील मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी मुखरता के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रही है।
विधानसभा चुनाव 2027 का बेशक आधिकारिक आगाज न हुआ हो, लेकिन राजनीति अपने चरम पर है। उत्तर प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी लगातार सड़कों पर उतरकर तमाम मुद्दों को लेकर आंदोलन करता हुआ दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास द्वारा 15 दिन पूर्व नगर निगम पर हल्ला बोल कर जनता से जुड़े हुए मुद्दों को लेकर नगर निगम को घेरने का काम किया था। उन्होंने नगर आयुक्त संतोष वैश्य से आगरा को आपदा घोषित की मांग की थी।
बुधवार को सपा कार्यकर्ता शहर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के नेतृत्व में नगर निगम पहुंचे और नगर आयुक्त संतोष वैश्य से मुलाकात कर अपनी पुरानी 15 प्रमुख मांगों को रखा। शब्बीर अब्बास में नगर आयुक्त से पूछा कि हमारी जो मांगे थी जिसमें आगरा को आपदा घोषित करना, बरसात जल भराव और बदहाल नागरिक व्यवस्था को देखते हुए विशेष राहत और बचाव कार्य। स्मार्ट सिटी के 1100 करोड़ के कार्यों की उच्च स्तरीय जांच।
नगर निगम सदन की नियमित बैठकें। खुले नालों में हुई मौत की जवाब देही तय किए जाना और मृतक परिजनों को उचित मुआवजा दिए जाएं। पूरे शहर की बंद और खराब स्ट्रीट लाइट तत्काल चालू की जाए। सड़क निर्माण से पहले वैज्ञानिक जल निकासी की व्यवस्था अनिवार्य हो। टूटी सड़कों और गढ़ों को तत्काल मरम्मत किया जाए। सीवर ओवरफ्लो और गंदे पानी की समस्याओं का स्थाई समाधान हो जैसी 15 बिंदुओं पर नगर आयुक्त से कार्रवाई करने की मांग की।
सपा शहर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने कहा कि अगर नगर आयुक्त हमारी मांगों पर 15 दिन में कार्रवाई नहीं करते हैं तो मजबूर होकर मैं और मेरे कार्यकर्ता नगर निगम में भूख हड़ताल पर बैठेंगे, हम तो भूखे रहेंगे ही नगर आयुक्त संतोष वैश्य को भी कुछ नहीं खाने देंगे। बहरहाल, समाजवादी पार्टी में तमाम ज्वलनशील मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरकर आंदोलन करती हुई दिखाई देती है, क्या महानगर अध्यक्ष अपने कार्यकर्ताओं के साथ इन मुद्दों को लेकर वाकई में अनशन पर बैठेंगे यह वक्त बताएगा। लेकिन सपा की इन मांगों से नगर निगम पर सवाल तो खड़ी हो ही रहे हैं, सती नगर आयुक्त संतोष वैश्य पर दबाव भी दिखाई दे रहा है।