आरोपी पिता (सोर्स- फोटो नवभारत) 
आगरा

आगरा में 40 लाख की फिरौती का फर्जी खेल बेनकाब, कर्ज से परेशान पिता ने रची बेटी के अपहरण की साजिश

Agra Police News: थाना जगदीशपुरा क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण और 40 लाख रुपये की फिरौती मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि भारी कर्ज से परेशान पिता ने बेटी के अपहरण की झूठी साजिश रची।

स्निग्धा श्रीवास्तव

Agra Police Solve Kidnapping Case: आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र में 10 वर्षीय मासूम बच्ची के कथित अपहरण और 40 लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला आखिरकार पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी निकला। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने बच्ची के पिता और उसके एक करीबी दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भारी कर्ज के दबाव में पिता ने ही अपनी बेटी के अपहरण की झूठी साजिश रची थी।

12 जुलाई को मिली थी अपहरण की सूचना

आगरा पुलिस कमिश्नरेट सिटी जोन के सहायक पुलिस आयुक्त गौरव सिंह ने बताया कि 12 जुलाई को जगदीशपुरा निवासी मनीष अग्रवाल ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी नाबालिग पुत्री डांस क्लास से वापस घर नहीं लौटी है। इसके कुछ समय बाद किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा 40 लाख रुपये की फिरौती मांगने की बात भी सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल कई टीमें गठित कर दी गईं।

सूचना मिलने के करीब डेढ़ घंटे बाद सकुशल घर पहुंची बच्ची

डीसीपी सिटी अली अब्बास के नेतृत्व में थाना जगदीशपुरा पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की। पुलिस टीम लगातार बच्ची की तलाश में जुटी रही। सूचना मिलने के करीब डेढ़ घंटे बाद बच्ची सकुशल अपने घर वापस पहुंच गई, जिसके बाद भी पुलिस ने मामले की गहन जांच जारी रखी।

एसीपी लोहामंडी ने बताया कि गोपनीय जांच और एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को कई अहम सुराग मिले। जांच में पता चला कि मनीष अग्रवाल ने अपने साथी रजत गुप्ता के साथ मिलकर पूरी घटना की पूर्व नियोजित पटकथा तैयार की थी। पुलिस के अनुसार, मनीष पर लगभग 40 लाख रुपये का कर्ज था, जिससे निकलने के लिए उसने अपनी ही बेटी को अपने दोस्त के घर पर छिपा दिया और बाद में खुद ही घर के बाहर फिरौती मांगने वाला पत्र डाल दिया।

14 जुलाई को आगरा पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

इस पूरे मामले ने न केवल पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग किया, बल्कि समाज में भय और सनसनी का माहौल भी पैदा किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झूठी सूचनाएं और फर्जी घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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