Highlights:
खेरागढ़, फतेहाबाद और छत्ता में बूथ कैप्चरिंग का आरोप
शिकायतों पर सुनवाई नहीं होने का दावा
आकाश अग्रवाल बोले - पहले पता होता तो चुनाव ही नहीं लड़ता
भाजपा पर हथियार और ड्रग्स रखकर जेल भेजने की आशंका जताई
पुलिस अधिकारी के कथित बयान और धर्म परिवर्तन की घोषणा से गरमाया चुनावी माहौल
Akash Agarwal Statement For MLC Election: आगरा खंड शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनाव के मतदान के बीच सियासी संग्राम ने नया मोड़ ले लिया है। समाजवादी पार्टी के शिक्षक प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए बेहद भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए आशंका जताई कि उन्हें पाकिस्तान से आया आतंकवादी तक बताया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके ऊपर हथियार और ड्रग्स रखकर उन्हें जेल भेजा जा सकता है। उनके इन बयानों ने चुनावी माहौल में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
डॉ.आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान कई क्षेत्रों में अनियमितताएं हुईं और शिकायतों के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं की गई। खेरागढ़, फतेहाबाद और छत्ता में बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाते हुए उन्होंने प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि यदि उन्हें पहले ही ऐसी परिस्थितियों का अंदाजा होता, तो वह चुनाव लड़ने का फैसला नहीं करते।
मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ.अग्रवाल ने अपनी आशंकाएं जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस तरह फंसाया जा सकता है कि पाकिस्तान से आया आतंकवादी तक बता दिया जाए। उन्होंने हथियार और ड्रग्स रखकर जेल भेजे जाने की आशंका भी जताई।
उनके इस बयान ने चुनावी विवाद को आतंकवाद और कथित साजिश के आरोपों से जोड़ दिया है। हालांकि, डॉ. अग्रवाल ने जिस आशंका का उल्लेख किया, उसके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। फिलहाल यह उनका आरोप और भय व्यक्त करने वाला बयान है, न कि किसी सिद्ध साजिश का प्रमाण।
सपा प्रत्याशी ने बातचीत के दौरान एक पुलिस अधिकारी पर भी टिप्पणी करने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, अधिकारी ने उनसे कहा, “आप एमएलसी हो तो खुदा थोड़े ही हो।”
डॉ.अग्रवाल ने इस कथित टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और अपनी पसंद की राजनीतिक पार्टी से चुनाव लड़ने का अधिकार है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में समान व्यवहार और निष्पक्षता की मांग करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए। संबंधित पुलिस अधिकारी और प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही इस आरोप की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
डॉ.आकाश अग्रवाल ने भावुक होते हुए कहा कि वह एक महीने बाद लखनऊ जाएंगे और वहां शाही जामा मस्जिद में धर्म परिवर्तन करेंगे। इससे पहले भी उन्होंने शाही जामा मस्जिद जाकर इस्लाम कबूल करने की बात कही थी।
उनके इस बयान ने चुनावी विवाद को एक नया राजनीतिक और सामाजिक आयाम दे दिया है।
सपा प्रत्याशी ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और किसी भी राजनीतिक दल से चुनाव लड़ना उनका अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, उससे उनका चुनाव प्रक्रिया और न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है।
डॉ.अग्रवाल ने यह भी कहा कि यदि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, तो उनके परिवार को भी जेल में डाल दिया जाए। उनके इन बयानों के बाद शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर आगरा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
डॉ.अग्रवाल ने खेरागढ़, फतेहाबाद और छत्ता समेत कई इलाकों में मतदान के दौरान गड़बड़ी होने का आरोप लगाया है। फतेहाबाद ब्लॉक से कथित बूथ कैप्चरिंग का एक वीडियो भी वायरल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रही घटना की पुष्टि होना बाकी है। लेकिन मण्डलायुक्त नागेंद्र प्रताप ने इस मामले में जांच कर कार्रवाई की बात कही है। मण्डलायुक्त ने कहा कि सपा प्रत्याशी से शिकायत दर्ज करायी है इसकी जांच की जाएगी। हमने उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।
आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव में 12 जिलों के कुल 2,41,527 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें स्नातक सीट पर 1,90,725 और शिक्षक सीट पर 50,802 मतदाता शामिल हैं। दोनों सीटों पर मतदान बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जा रहा है।
चुनाव से पहले प्रशासन ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने का दावा किया था। ऐसे में सपा प्रत्याशी के गंभीर आरोपों ने प्रशासन की भूमिका और चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अब प्रशासन की प्रतिक्रिया, कथित अनियमितताओं की जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस पूरे विवाद में अहम होगा।