शब्बीर अब्बास का भाजपा पर आरोप (सोर्स: नवभारत लाइव)
आगरा

Agra MLC Election: शब्बीर अब्बास ने भाजपा पर लगाए सत्ता के दुरुपयोग और बूथ कैप्चरिंग के आरोप

Agra MLC Election News: समाजवादी पार्टी के आगरा महानगर अध्यक्ष शब्बीर ने बीजेपी पर एमएलसी चुनाव के दौरान सत्ता के दुरुपयोग, मतदाताओं पर दबाव बनाने, बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान जैसे गंभीर आरोप लगाए।

प्रदीप कुमार रावत, नमिता प्रजापति

Highlights

  • मतदान में गड़बड़ी की शिकायतें

  • सीसीटीवी फुटेज की जांच और पुनर्मतदान की मांग

  • MLC चुनाव के बहाने 2027 की सियासी जंग के संकेत

Shabbir Abbas's Allegation: आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। मतदान के दौरान सत्ता के दुरुपयोग, मतदाताओं पर दबाव बनाने, बूथ कैप्चरिंग के प्रयास और फर्जी मतदान जैसे गंभीर आरोप सामने आने के बाद चुनावी माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के आगरा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास प्रेस वार्ता कर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

शब्बीर अब्बास के आरोपों के मुताबिक, आगरा के नगर महापालिका इंटर कॉलेज, ताजगंज और राजकीय इंटर कॉलेज, पंचकुइयां में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से मतदान केंद्रों पर तनाव और भय का माहौल बना। इसके अलावा फतेहाबाद के एक मतदान केंद्र और एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र के जय भारती विद्या मंदिर, कटरा वजीर खां स्थित शहरी बूथ पर बूथ कब्जाने और फर्जी मतदान की शिकायतें मिलने का दावा किया गया है।

भाजपा पर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप, सपा ने उठाए सवाल

शब्बीर अब्बास ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल को अपनी राजनीतिक स्थिति कमजोर होने का अंदेशा होता है, तब सरकारी मशीनरी और प्रशासनिक ताकत के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल को मतदाताओं को डराने, मतदान केंद्रों पर दबाव बनाने या चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का अधिकार नहीं है।

सपा महानगर अध्यक्ष ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल से लेकर चुनाव के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता तक के मुद्दे उठाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है। उनके मुताबिक, चुनाव सत्ता की ताकत से नहीं, बल्कि मतदाताओं की स्वतंत्र इच्छा से जीता जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि कथित घटनाओं और शिकायतों के चलते सपा प्रत्याशी एवं कार्यकर्ताओं में भय का माहौल बना है। चुनाव आयोग और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक प्रत्याशी को सुरक्षित वातावरण मिले और मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।

सीसीटीवी जांच से लेकर पुनर्मतदान तक की मांग

शब्बीर अब्बास ने चुनाव आयोग के सामने छह प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें नगर महापालिका इंटर कॉलेज, ताजगंज और राजकीय इंटर कॉलेज, पंचकुइयां सहित संबंधित मतदान केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर उनकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग प्रमुख है। उन्होंने मतदान केंद्रों के भीतर कथित तौर पर 80 से 100 अनधिकृत लोगों के प्रवेश की शिकायत की जांच कराने पर भी जोर दिया।

सपा ने मांग की है कि फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने, मतदाताओं को डराने या अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही फतेहाबाद के संबंधित बूथ पर बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान की शिकायतों की जांच कराने तथा आरोप प्रमाणित होने पर नियमानुसार पुनर्मतदान कराने की मांग की गई है। एत्मादपुर क्षेत्र के जय भारती विद्या मंदिर, कटरा वजीर खां स्थित मतदान केंद्र पर भी कथित अनियमितताओं की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई गई है।

सपा ने प्रत्याशियों, मतदाताओं और चुनाव कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग भी की है। पार्टी का कहना है कि यदि किसी अधिकारी की मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

'लोकतंत्र में सत्ता स्थायी नहीं, मताधिकार सर्वोपरि'

शब्बीर अब्बास ने स्पष्ट कहा कि चुनाव आयोग को इन शिकायतों को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की जांच, दोषियों की पहचान और जहां मतदान की निष्पक्षता प्रभावित होने की पुष्टि हो, वहां नियमों के तहत पुनर्मतदान कराने की मांग की।

उन्होंने चेतावनी दी कि समाजवादी पार्टी अपने प्रत्याशी, कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर संवैधानिक और कानूनी कदम उठाएगी। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन संविधान और जनता का मताधिकार सर्वोपरि है।

MLC चुनाव में 2027 की विधानसभा जंग की आहट

आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव भले ही विधान परिषद की सीटों के लिए हो रहा हो, लेकिन इसके दौरान भाजपा और सपा के बीच सामने आया टकराव आगामी विधानसभा चुनाव की सियासी तस्वीर के संकेत भी दे रहा है। आरोप-प्रत्यारोप, चुनावी निष्पक्षता पर सवाल और एक-दूसरे को घेरने की रणनीति ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।

एक ओर भाजपा के नेता सपा के आरोपों को खारिज कर रहे हैं, वहीं सपा चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर सत्ताधारी दल को घेरने में जुटी है। ऐसे में एमएलसी चुनाव का यह मुकाबला केवल विधान परिषद की सीटों तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा, बल्कि दोनों दलों के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का मंच भी बनता जा रहा है।

आतंकवादी और तस्कर तक बता सकती है भाजपा

शब्बीर अब्बास ने सपा के शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी आकाश अग्रवाल को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा और सरकारी तंत्र के दबाव के कारण उनके प्रत्याशी को इतना भयभीत कर दिया गया है कि वह मानसिक तनाव में हैं। अब्बास के मुताबिक, आकाश अग्रवाल ने जो आशंकाएं व्यक्त की हैं, उन्हें गलत नहीं कहा जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उन्हें आतंकवादी, ड्रग्स और हथियारों का तस्कर या माफिया तक बता सकती है।

सपा महानगर अध्यक्ष ने दावा किया कि पिछले कई दिनों से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) सहित विभिन्न सरकारी एजेंसियों और तंत्र के माध्यम से आकाश अग्रवाल तथा उनके समर्थकों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित दबाव के दायरे में स्कूलों के प्राचार्य-प्रधानाचार्य और प्रबंधक भी शामिल हैं। जो लोग आकाश अग्रवाल का समर्थन कर रहे हैं या उनके साथ खड़े हैं, उन्हें भी कथित तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है।

शब्बीर अब्बास ने कहा कि चुनाव में किसी प्रत्याशी या उसके समर्थकों को डराकर प्रभावित करने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने चुनाव आयोग और प्रशासन से पूरे मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने तथा प्रत्याशी और उसके समर्थकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आगरा में भाजपा और सपा के बीच बढ़ती तल्खी यह संकेत दे रही है कि आने वाले समय में सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।

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