Agra Transgender Train Extortion Controversy: भारतीय रेलवे यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए ट्रेनों और रेलवे परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दावा करता है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त चेकिंग के बीच ट्रेनों में यात्रियों से जबरन पैसे वसूलने को लेकर विवाद का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। मंगलवार को आगरा के खेरिया मोड़ स्थित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) पर किन्नरों के दो पक्षों के बीच विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब एक किन्नर पर चाकू से हमला किए जाने का आरोप लगाया गया।
घटना के बाद आक्रोशित किन्नरों ने ROB पर जमकर हंगामा किया। विरोध के दौरान नग्न होकर प्रदर्शन करने के चलते मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। करीब दो से ढाई घंटे तक रास्ते पर जाम लगा रहा और यातायात प्रभावित हुआ। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
ट्रेनों में किन्नरों द्वारा यात्रियों से पैसे मांगने के वीडियो और शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। कई मौकों पर यात्रियों और किन्नरों के बीच कहासुनी, विवाद और मारपीट की घटनाएं भी सामने आई हैं। वहीं किन्नर समुदाय की ओर से भी आरोप लगाया जाता रहा है कि कुछ लोग नकली किन्नर बनकर ट्रेनों में यात्रियों से वसूली कर उनके पारंपरिक अधिकार और रोजी-रोटी पर कब्जा कर रहे हैं।
इसी वर्चस्व और वसूली को लेकर किन्नरों के अलग-अलग समूहों के बीच भी विवाद की स्थिति बनती रही है।
घायल किन्नर को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां नवभारत से विशेष बातचीत में किन्नरों ने आरोप लगाया कि उनके एक साथी को रास्ते में पकड़कर चाकुओं से हमला किया गया। उनका आरोप है कि हमला करने वाले लोग दबंग और माफिया प्रवृत्ति के हैं तथा लंबे समय से उन्हें धमकी देते रहे हैं।
किन्नरों ने दावा किया कि आरोपी ट्रेनों में यात्रियों से वसूली करते हैं और उनके समूह के सदस्यों के साथ मारपीट करते रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों की पुलिस से मिलीभगत है। हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद रेलवे मार्ग पर हुए हंगामे ने यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ ट्रेनों में अवैध वसूली और किन्नर समुदाय के बीच वर्चस्व की लड़ाई के सवाल भी खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस के सामने हमले के आरोपों की जांच के साथ ट्रेनों में यात्रियों से जबरन वसूली की शिकायतों और कथित नकली किन्नरों के नेटवर्क की पड़ताल की चुनौती भी है।