चौधरी बाबूलाल (सोर्स- सोशल मीडिया)
आगरा

2024 की सियासी रार फिर सामने आई; सांसद राजकुमार चाहर की संपत्ति जांच की मांग, चौधरी बाबूलाल का वीडियो वायरल

Agra Viral Video: भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल का वीडियो वायरल है। विधायक ने सीएम योगी से सांसद राजकुमार चाहर की संपत्ति की जांच कराने की मांग की बाद भाजपा की अंदरूनी खींचतान फिर चर्चा में है।

प्रदीप कुमार रावत, स्निग्धा श्रीवास्तव

Agra Chaudhary Babulal Viral Video: विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर चुनाव आयोग की ओर से अभी कोई आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है, लेकिन उत्तर प्रदेश की सियासत में चुनावी हलचल तेज हो चुकी है। राजनीतिक दल संगठन को सक्रिय करने में जुटे हैं तो टिकट के दावेदार भी अपने-अपने समीकरण साधने में लगे हैं।

इसी बीच आगरा में सत्तारूढ़ भाजपा की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई है। फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर की चल-अचल संपत्ति की जांच कराए जाने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं।

वायरल वीडियो को 3 अक्टूबर को आयोजित एक कार्यक्रम का बताया जा रहा है। कार्यक्रम में विधायक चौधरी बाबूलाल मंच से संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सांसद राजकुमार चाहर की संपत्ति की जांच कराने की बात कही। वीडियो में विधायक यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि सांसद बनने से पहले राजकुमार चाहर के पास कितनी जमीन और संपत्ति थी तथा पिछले करीब आठ वर्षों में उनकी अचल संपत्ति कितनी बढ़ी है, इसकी जांच होनी चाहिए।

विधायक के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और राजकुमार चाहर की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया सामने आने तक इसे विधायक का राजनीतिक आरोप ही माना जाना चाहिए।

2027 से पहले पुरानी सियासी रार फिर चर्चा में

फतेहपुर सीकरी की राजनीति में चौधरी बाबूलाल और राजकुमार चाहर के बीच मतभेद कोई नया विषय नहीं है। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी दोनों खेमों के बीच खुलकर राजनीतिक टकराव सामने आया था। भाजपा द्वारा राजकुमार चाहर को दोबारा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद चौधरी बाबूलाल के बेटे रामेश्वर चौधरी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला था और बाद में निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे थे। इस प्रकरण में भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने चौधरी बाबूलाल को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।

इसके बाद भी दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी पूरी तरह थमती नजर नहीं आई। अप्रैल 2026 में गंगाजल आपूर्ति के मुद्दे को लेकर सांसद राजकुमार चाहर और विधायक पुत्र रामेश्वर चौधरी के बीच सोशल मीडिया पर भी तीखी बयानबाजी सामने आई थी।

पुराने राजनीतिक विवाद पर फिर चर्चा

अब विधानसभा चुनाव से करीब 6 माह पहले विधायक चौधरी बाबूलाल का सांसद राजकुमार चाहर को लेकर मंच से दिया गया बयान उस पुराने राजनीतिक विवाद को फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है। खास बात यह है कि चौधरी बाबूलाल पहले ही 2027 के विधानसभा चुनाव में दोबारा मैदान में उतरने की अपनी मंशा जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में उनके ताजा बयान को लेकर भाजपा के भीतर और बाहर राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र से लेकर भाजपा संगठन तक अब सवाल यही है कि चुनावी तैयारियों के बीच सामने आया यह टकराव आने वाले दिनों में किस दिशा में जाता है। एक तरफ भाजपा का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व संगठन की एकजुटता और अनुशासन पर लगातार जोर दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर दो प्रमुख भाजपा नेताओं के बीच जारी राजनीतिक खींचतान सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया तक पहुंचती दिखाई दे रही है।

चुनावी तारीखों की घोषणा भले अभी बाकी हो, लेकिन फतेहपुर सीकरी में सियासी तापमान जरूर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में यह बयान केवल सोशल मीडिया की चर्चा तक सीमित रहता है या भाजपा के स्थानीय समीकरणों को प्रभावित करने वाली नई राजनीतिक बहस का आधार बनता है, इस पर सभी की नजर रहेगी। लेकिन इस बयान ने एक बार फिर भाजपा की अंदरूनी कलह को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

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