उत्तर प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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UP के किसानों को बड़ी राहत: अब बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे अपना गेहूं

Wheat Sale Relief: UP सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए गेहूं खरीद के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। अब किसान बिना परेशानी सरकारी केंद्रों पर फसल बेचेंगे।

प्रिया सिंह

UP Government Wheat Procurement Relief: उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद में राहत के तहत राज्य के किसानों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला लिया है। UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन या किसान रजिस्ट्री की अनिवार्यता को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इस बड़े कदम से UP के उन हजारों किसानों को सीधा फायदा होगा जो तकनीकी दिक्कतों के कारण अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पा रहे थे। अब राज्य का कोई भी किसान सीधे सरकारी खरीद केंद्रों पर जाकर अपनी गेहूं की फसल आसानी से और उचित दाम पर बेच सकेगा।

बिचौलियों से मिली मुक्ति

इस साल की शुरुआत में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए UP में किसान रजिस्ट्री को पूरी तरह से अनिवार्य किया गया था। रजिस्ट्रेशन न हो पाने के कारण कई किसानों को मजबूरन बिचौलियों को कम कीमत पर अपना गेहूं बेचने के लिए जाना पड़ रहा था। इस गंभीर समस्या को देखते हुए UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत हस्तक्षेप किया और नियमों में किसानों के लिए बड़ी ढील दे दी।

सुविधाओं का रखा जाएगा ध्यान

UP के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खरीद केंद्रों पर आने वाले किसानों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर पेयजल, पंखे, छाया और अन्य जरूरी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सभी जिलाधिकारियों को यह सख्त निर्देश दिया गया है कि वे इस नए आदेश को अपने संबंधित जिलों में तत्काल प्रभाव से लागू करें।

गेहूं खरीद के ताजा आंकड़े

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार 20 अप्रैल सुबह 11 बजे तक राज्य में 42,000 से अधिक किसानों से खरीद हुई है। इन किसानों से कुल 2.38 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की शानदार खरीद सरकारी केंद्रों पर सफलतापूर्वक की जा चुकी है। अब तक 4.77 लाख से अधिक किसान गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण करा चुके हैं और पूरे राज्य में 5,400 से अधिक केंद्र स्थापित हैं।

दूरदर्शी फैसले का प्रभाव

UP सरकार का यह अहम फैसला राज्य के सभी किसानों के हित में एक बहुत ही बड़ा और दूरदर्शी कदम साबित होने जा रहा है। इससे न सिर्फ गेहूं खरीद की पूरी प्रक्रिया बहुत ज्यादा तेज और सरल हो जाएगी बल्कि किसानों की आय में भी काफी वृद्धि होगी। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में गेहूं खरीद का यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा जिससे ज्यादा से ज्यादा किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

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