Online Selling Composition Scheme: देश में कई ऐसे छोटे और मध्यम व्यापारी हैं जो भारी टैक्स से बचने के लिए खुद को रजिस्टर नहीं कराते हैं। इसके कारण उनके पास कोई वैध नंबर नहीं होता जिससे उन्हें अपने व्यापार को बड़ा करने में काफी दिक्कत होती है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सामान बेचना अब तक छोटे दुकानदारों के लिए लगभग असंभव माना जाता था। लेकिन अब सरकार के नए नियमों ने इन सभी छोटे कारोबारियों के लिए ऑनलाइन बाजार के नए दरवाजे खोल दिए हैं।
छोटे व्यापारियों को अपना ऑनलाइन बिजनेस सफलतापूर्वक शुरू करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर होना बहुत ही जरूरी माना जाता है। इसी बड़ी परेशानी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आम व्यापारियों के लिए एक खास नई व्यवस्था तैयार की है। इसके तहत अब बिना किसी टैक्स रजिस्ट्रेशन नंबर के भी फ्लिपकार्ट, अमेजन और मीशो जैसे प्लेटफॉर्म पर आसानी से सामान बेचा जा सकता है। यह नई सुविधा भारत के लाखों छोटे दुकानदारों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और उनका मुनाफा बढ़ाने में बड़ी मदद करेगी।
इस खास योजना को Composition Scheme के नाम से जाना जाता है जो टैक्स सिस्टम का ही एक बहुत बड़ा हिस्सा है। यह योजना मुख्य रूप से उन छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को राहत देने के लिए ही बनाई गई है जिनका व्यापार बहुत सीमित है। इस खास योजना का लाभ उठाने के लिए व्यापारी का सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपये के अंदर होना बहुत ज्यादा जरूरी है।
इस स्कीम के तहत व्यापारियों को बहुत ही कम और आसान दरों पर अपना टैक्स सरकार को चुकाना होता है। इसमें 1 प्रतिशत ट्रेडर्स के लिए, 2 प्रतिशत मैन्युफैक्चरर्स के लिए और 5 प्रतिशत की दर रेस्तरां जैसी सेवा के लिए तय की गई है। इस स्कीम का लाभ लेने वाले सभी व्यापारी किसी भी ग्राहक से अलग से कोई भी टैक्स बिल्कुल नहीं वसूल सकते हैं।
इस खास योजना में शामिल होने वाले दुकानदारों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का कोई भी सीधा फायदा या प्रॉफिट बिल्कुल नहीं दिया जाता है। व्यापारी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी ऑनलाइन बिक्री बहुत ही आसानी से कर सकते हैं लेकिन इसके नियम थोड़े अलग बनाए गए हैं। सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार इस योजना के तहत ऑनलाइन बिक्री केवल एक ही राज्य की सीमा के भीतर आसानी से की जा सकती है।
छोटे व्यापारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का बेहतरीन इस्तेमाल तो कर सकते हैं लेकिन वे दूसरे राज्य के ग्राहकों को अपना सामान नहीं बेच सकते। यानी इंटर स्टेट ई-कॉमर्स बिक्री करने की आधिकारिक अनुमति इस योजना के तहत छोटे दुकानदारों को किसी भी हाल में बिल्कुल नहीं दी गई है। यह कदम स्थानीय व्यापार को और अधिक मजबूत करने और छोटे कारोबारियों को डिजिटल दुनिया से सीधे जोड़ने के लिए उठाया गया है।
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सरकार की यह खास कंपोजिशन योजना भारत के छोटे बाजारों को नए डिजिटल युग से पूरी तरह जोड़ने की एक बहुत ही शानदार पहल है। अब गांव और छोटे कस्बों के साधारण व्यापारी भी इंटरनेट की दुनिया में अपने प्रोडक्ट आसानी से ऑनलाइन बेचकर पैसा कमा सकेंगे। इससे न केवल उनकी आमदनी में भारी इजाफा होगा बल्कि देश की पूरी अर्थव्यवस्था को भी एक नई और बहुत ही मजबूत गति मिलेगी।