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मकान बनाना होगा महंगा, अक्टूबर में 20 रुपए प्रति बोरी तक बढ़ सकते हैं सीमेंट के दाम

Cement Price Hike: त्यौहारों के सीजन में घर बनाना महंगा हो सकता है। अक्टूबर में देश भर में सीमेंट के दाम 5 से 20 रुपये प्रति बोरी तक बढ़ने की आशंका है, जिससे निर्माण लागत पर सीधा असर पड़ेगा।

प्रिया सिंह

Cement Price Hike October Rate: अगर आप नवरात्रों में अपने सपनों का घर बनाने की सोच रहे हैं तो यह खबर जेब पर असर डालेगी। इस साल अक्टूबर में देश के कई हिस्सों में सीमेंट की कीमतें 5 रुपये से 20 रुपये प्रति बोरी तक बढ़ सकती हैं। पितृपक्ष खत्म होने के बाद त्यौहारों में कंस्ट्रक्शन का काम तेजी पकड़ता है जिससे मांग बढ़ जाती है।

मांग बढ़ने के साथ ही सीमेंट कंपनियां दामों में इजाफा करने की तैयारी में जुटी हुई हैं। हालांकि सितंबर महीने में भी देश के अलग-अलग क्षेत्रों में सीमेंट की दरों में बढ़ोतरी हुई थी। अगर आप निर्माण शुरू करने जा रहे हैं तो डीलरों से एडवांस बुकिंग पर बात करना फायदेमंद रहेगा।

सितंबर महीने में भी बढ़े थे सीमेंट के दाम और क्षेत्रीय आंकड़े

अगर आपको लगता है कि सीमेंट केवल अक्टूबर में महंगा हो रहा है तो ऐसा नहीं है। सितंबर में भी देश भर में सीमेंट की कीमतों में तेजी देखी गई थी। दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई जहां दाम 11 रुपये प्रति बोरी तक बढ़े थे।

वहीं पश्चिमी भारत के राज्यों में सीमेंट 9 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से महंगा हुआ था। उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में दाम 5-5 रुपये प्रति बोरी बढ़े थे। जुलाई और अगस्त में सीमेंट के दाम पूरी तरह शांत और स्थिर बने हुए थे।

लेकिन सितंबर में ऑल इंडिया एवरेज ट्रेड प्राइस 7 रुपये बढ़कर 356 रुपये प्रति बोरी पहुंच गया। इस तरह सितंबर में भी सीमेंट की कीमतों में अच्छा उछाल देखने को मिला था।

सीमेंट की कीमतें बढ़ाने के पीछे मुख्य 3 बड़े कारण

सीमेंट कंपनियों द्वारा अक्टूबर में दाम बढ़ाने के पीछे तीन मुख्य कारण हैं। पहला कारण ईंधन और कोयले की बढ़ती कीमतें हैं जो विनिर्माण में इस्तेमाल होते हैं। सीमेंट उत्पादन और ट्रांसपोर्टेशन में ईंधन की भारी खपत से लागत बढ़ गई है।

लागत में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा दबाव कंपनियों के मार्जिन पर पड़ रहा है।दूसरा मुख्य कारण मानसून खत्म होने के बाद निर्माण कार्यों में आई तेजी है। बारिश रुकते ही पेंडिंग कंस्ट्रक्शन काम शुरू होने से बाजार में मांग बढ़ती है।

तीसरा कारण कंपनियों द्वारा दूसरी तिमाही (Q2) के घाटे की भरपाई करना है। जुलाई-अगस्त में मांग सुस्त रहने से कंपनियां अब अपना मार्जिन सुधारना चाहती हैं।

आम उपभोक्ताओं के लिए राहत और विशेषज्ञों की सलाह

महंगाई के इस दौर में घर बनाने वाले आम ग्राहकों के लिए एक राहत भी है। सितंबर में बिलिंग रेट बढ़ाने के बावजूद कई डीलरों ने पुराने रेट पर ही सीमेंट बेचा। डीलरों ने अपना तिमाही वॉल्यूम टारगेट पूरा करने के लिए डिस्काउंट दिया था।

विशेषज्ञों अनुसार अक्टूबर में बढ़े दाम टिक पाएंगे या नहीं, यह बिक्री पर निर्भर करेगा। अगर आप जल्द ही अपने घर का निर्माण या मरम्मत शुरू करने की योजना बना रहे हैं। तो सबसे पहले नजदीकी सीमेंट डीलर से वर्तमान रेट्स की जानकारी ले लें।

जरूरत के अनुसार एडवांस बुकिंग करके आप संभावित बढ़ोतरी के असर से बच सकते हैं। सही समय पर फैसला लेने से त्यौहारों में आपका बजट पूरी तरह संतुलित रहेगा।

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