नवंबर से नया सालाना टोल पास लागू, 1500 और 3000 रुपये होगी फीस
टोल प्लाजा से 20 किमी के दायरे में रहने वालों को मिलेगा लाभ, FASTag अनिवार्य
हर टोल पर नहीं चलेगा स्थानीय पास, जानें पात्रता और बचत का पूरा गणित
Toll Tax Rules Will Change From November 1st: अगर आपके पास गाड़ी है और आपका घर नेशनल हाईवे के पास है तो यह खबर आपके लिए फायदेमंद है। केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा को लेकर बड़ा बदलाव किया है। देश में सड़कों का प्रसार होने के साथ-साथ हाईवे के पास रहने वाले लोगों की एक शिकायत देखने को मिलने लगी कि हाईवे के पास घर होने के कारण हर बार गुजरने पर टोल टैक्स देना पड़ता है। इसी शिकायत को दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा बदलाव करने जा रही है।
केंद्र सरकार के नए नियम का लाभ 1 नवंबर से लागू होने वाला है। नए नियम के तहत कुछ वाहन मालिक सालभर के लिए महज 1,500 रुपये में पास बनवा सकेंगे, जबकि कुछ टोल प्लाजा के लिए इसकी कीमत 3,000 रुपये तय की गई है। केंद्र सरकार का ये बदलाव नेशनल हाईवे फीस नियम, 2026 के तहत किए गए हैं, जो 2008 में लागू किए गए मौजूदा नियमों को अपडेट करता है।
किन लोगों को मिलेगा 1500 रुपये वाला पास?
नेशनल हाईवे फीस नियम, 2026 के तहत नए नियमों के अनुसार, संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में जिनका भी मकान आता है, वहां रहने वाले पात्र वाहन मालिक इस पास का लाभ उठा सकते हैं। इसके लाभ के लिए जरूरी है कि वाहन किसी व्यावसायिक उपयोग के लिए पंजीकृत न हो और उस गाड़ी पर वैध व चालू FASTag लगा होना जरूरी है।
पास की कीमत टोल प्लाजा की स्थिति और दूरी के आधार पर तय होगी। यदि टोल प्लाजा नगरपालिका की सीमा से बाहर है, तो टोल का वार्षिक शुल्क 1,500 रुपये होगा। वहीं, टोल प्लाजा अगर नगरपालिका की सीमा के भीतर है तो गाड़ी के लिए सालाना शुल्क 3,000 रुपये निर्धारित किया गया है।
सालाना पास से होगी कितनी बचत?
वर्तमान नियम के अनुसार 20 किलोमीटर के दायरे वाले स्थानीय वाहन मालिक के लिए 360 रुपये का मासिक पास उपलब्ध है। इस हिसाब से 12 महीने का खर्च 4,320 रुपये बैठता है। केंद्र सरकार की नई व्यवस्था के अनुसार 1,500 रुपये वाला सालाना पास लेने पर एक साल में 2,820 रुपये तक की बचत हो सकती है। वहीं, 3,000 रुपये वाला पास लेने पर मौजूदा मासिक दर के मुकाबले सालाना 1,320 रुपये की बचत होगी।
हर टोल प्लाजा पर नहीं चलेगा पास
इस नई सुविधा की कुछ शर्ते भी हैं। रियायती पास केवल उसी टोल प्लाजा पर मान्य होगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है। यानी इसे देशभर के सभी टोल प्लाजा पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
यह वार्षिक स्थानीय पास उन टोल प्लाजा पर लागू नहीं होगा, जहां दूरी के आधार पर टोल वसूली की व्यवस्था यानी क्लोज्ड यूजर-फी कलेक्शन सिस्टम लागू है। इसके अलावा, जिन स्थानों पर यात्रियों के आवागमन के लिए सर्विस रोड या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है, वहां भी इस पास की सुविधा नहीं मिलेगी।
सरकार के मुताबिक, पात्र वाहन मालिक 1 नवंबर 2026 से संबंधित टोल प्लाजा पर यह वार्षिक स्थानीय पास प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, 1 दिसंबर 2026 से इसे 'राजमार्गयात्रा ऐप' के माध्यम से भी बनवाने की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे पात्र लोगों के लिए पास प्राप्त करना अधिक सुविधाजनक हो सकेगा।
1 नवंबर से लागू होंगे नए नियम
वार्षिक स्थानीय पास की सुविधा 1 नवंबर 2026 से पात्र टोल प्लाजा पर उपलब्ध होगी। इसके बाद, 1 दिसंबर 2026 से वाहन मालिक राजमार्गयात्रा ऐप के जरिए भी यह पास प्राप्त कर सकेंगे।
इस नई व्यवस्था को राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत अधिसूचित राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) (पांचवां संशोधन) नियम, 2026 के माध्यम से लागू किया गया है। इसके तहत निर्धारित शुल्क दरों की केंद्र सरकार हर साल समीक्षा और संशोधन कर सकती है। संशोधित दरें प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल से प्रभावी होंगी।
देशभर में 13 करोड़ से अधिक FASTag जारी किए जा चुके हैं। इसी नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए इस नई व्यवस्था का उद्देश्य टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले पात्र स्थानीय निवासियों को किफायती यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराना है। इससे स्थानीय लोगों के लिए आवागमन आसान बनाने और टोल शुल्क पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।