Akshaya Tritiya Gold Returns Prediction: अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भारत में सोना खरीदने की एक बहुत ही पुरानी और शुभ परंपरा रही है। यह केवल एक सांस्कृतिक महत्व का त्योहार नहीं है बल्कि अक्षय तृतीया गोल्ड रिटर्न की भविष्यवाणी के लिए भी एक बहुत ही शानदार मौका है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों से यह बात पूरी तरह साबित हो चुकी है कि सोने ने निवेशकों को काफी शानदार मुनाफा दिया है। निवेशकों के लिए यह समय बहुत खास होता है क्योंकि इस शुभ त्योहार पर की गई खरीदारी हमेशा से लाभदायक रही है।
Akshaya Tritiya पर पिछले नौ सालों में सोने में निवेश करने वालों को भारी मुनाफा मिला है और उनके निवेश में बहुत ही अच्छी वृद्धि हुई है। इस पूरे दौरान पीली धातु ने 435 प्रतिशत का एक बहुत ही शानदार और चौंका देने वाला रिटर्न अपने निवेशकों को दिया है। इन पिछले नौ सालों में सोने की कीमत 29,000 से बढ़कर 154,000 के उच्च स्तर तक आसानी से पहुंच गई है।
अगर केवल पिछले एक साल की बात करें तो सोने ने अपने निवेशकों को अब तक का सबसे ज्यादा और अच्छा मुनाफा दिया है। 30 अप्रैल 2025 को मनाई गई Akshaya Tritiya के बाद से सोने की कीमतों में 60 प्रतिशत की एक बहुत ही भारी बढ़ोतरी देखी गई है। यह लगातार नौवां ऐसा साल है जब Akshaya Tritiya के शुभ मौके पर सोने ने निवेशकों को इतना ठोस और बेहतरीन रिटर्न दिया है।
साल 2026 में सोने के खरीदारों के लिए कई तरह के उतार-चढ़ाव रहे हैं लेकिन सोने का भविष्य अभी भी बहुत ज्यादा मजबूत है। अमेरिका-ईरान युद्ध, मुद्रास्फीति के भारी डर और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति के कारण हाल ही में सोने में 10 प्रतिशत गिरावट आई है। मार्च के अपने सबसे उच्च स्तर से गिरने के बावजूद इस साल सोने की कीमतों में अब तक 15 प्रतिशत की कुल बढ़त मजबूती से बनी हुई है।
निर्मल बंग के एक्सपर्ट कुणाल शाह के अनुसार सभी निवेशकों को बाजार में सोने में अपना निवेश लगातार बनाए रखना चाहिए। उनका यह बड़ा अनुमान है कि अगले एक साल में सोने की कीमतें बढ़कर 180,000 के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती हैं। एक्सिस सिक्योरिटीज के देवेया गगलानी भी स्पष्ट मानते हैं कि घरेलू बाजार में यह कीमत 1,70,000 से 1,85,000 तक जा सकती है।
वाटरफील्ड एडवाइजर्स के विवेक राजारमन के अनुसार मजबूत डॉलर और धीमी केंद्रीय बैंक खरीदारी का सोने पर काफी असर पड़ा है। लंबे समय तक ऊंची ब्याज दर के माहौल में बिना ब्याज वाले इन विशेष परिसंपत्तियों को हमेशा कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अगर यह भयंकर युद्ध बढ़ता है या डॉलर की मजबूती कम होती है तो सोने के बाजार की स्थिति फिर से बहुत तेजी से बदल सकती है।
बाजार के कई जानकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में सोने की कीमतें 10 से 15 प्रतिशत की अतिरिक्त तेजी आसानी से दिखा सकती हैं। डी-डॉलराइजेशन और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी जैसे कई अहम और बड़े कारणों से सोने का बाजार अभी भी बहुत मजबूत दिख रहा है। ऐतिहासिक रूप से सोने ने हमेशा लंबे और चुनौतीपूर्ण संघर्षों के दौरान आर्थिक प्रभाव से बचने के लिए सुरक्षा प्रदान करने का काम किया है।