Highlight:
YouTube पर कस्टम फीड्स फीचर आ गया है।
कस्टम फीड्स फीचर अमेरिका में चुनिंदा पात्र यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है।
कस्टम फीड्स में यूजर्स अपनी जरूरत और पसंद के हिसाब से अलग फीड बनाते है।
टेक्स्ट प्रॉम्प्ट लिखकर उस आधार पर प्लेटफॉर्म संबंधित वीडियो मिल जाएगी।
YouTube Custom Feeds: YouTube पर वीडियो देखते समय अक्सर ऐसा होता है कि पसंद का कंटेंट खोजने के लिए काफी स्क्रॉल करना पड़ता है। लेकिन अब कंपनी इस अनुभव को आसान बनाने के लिए कस्टम फीड्स फीचर लेकर आई है। इसकी मदद से यूजर्स अपनी पसंद को शब्दों में लिखकर अलग वीडियो फीड तैयार कर सकते है। इसके अलावा YouTube के मोबाइल ऐप के होम टैब में भी बदलाव किए गए हैं जिससे अलग-अलग कैटेगरी और सब्सक्राइब किए गए चैनलों तक पहुंचना आसान होगा।
वहीं अभी के लिए कस्टम फीड्स फीचर अमेरिका में चुनिंदा पात्र यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। जिसमें भारत में इसकी शुरुआत कब होगी इस बारे में अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
YouTube के कस्टम फीड्स फीचर के बारे में बताए तो इसमें यूजर्स अपनी जरूरत और पसंद के हिसाब से वीडियो देखने के लिए अलग फीड बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपनी पसंद का कंटेंट बताने वाला एक टेक्स्ट प्रॉम्प्ट लिखना होगा। इसके आधार पर प्लेटफॉर्म संबंधित वीडियो दिखाएगा।
वहीं उदाहरण के लिए अगर कोई यूजर 10 मिनट से कम समय वाले गाइडेड मेडिटेशन वीडियो या योग क्लास देखना चाहता है तो वह अपनी फीड के लिए ऐसा निर्देश लिख सकता है। इससे सामान्य रिकमेंडेशन्स के बीच अपनी पसंद का कंटेंट खोजने में लगने वाला समय कम हो सकता है।
कस्टम फीड बनाने के लिए YouTube के होम फीड के टॉप पर मौजूद प्लस (+) बटन पर टैप करें और अपनी पसंद के वीडियो के बारे में लिखें है। इसके बाद प्लेटफॉर्म उस निर्देश के आधार पर अलग फीड तैयार करेगा। वहीं बनाई गई फीड को स्क्रीन के टॉप पर सेव रखा जा सकता है ताकि हर बार नया प्रॉम्प्ट लिखने की जरूरत न पड़े। जरूरत पड़ने पर फीड के प्रॉम्प्ट बॉक्स में जाकर निर्देश बदले भी जा सकते हैं। लेकिन अगर कोई कस्टम फीड 30 दिनों तक इस्तेमाल नहीं होती तो उससे जुड़ा प्रॉम्प्ट एक्सपायर हो सकता है।
YouTube ने कस्टम फीड सेव करने की सीमा सब्सक्रिप्शन के आधार पर अलग रखी है। वहीं फ्री यूजर्स अधिकतम तीन एक्टिव कस्टम फीड सेव कर सकेंगे जबकि YouTube Premium यूजर्स के लिए यह सीमा आठ फीड तक है। यह सुविधा मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों पर काम करती है। यूजर को दोनों डिवाइस पर एक ही Google अकाउंट से साइन-इन करना होगा ताकि उसकी बनाई गई फीड अलग-अलग डिवाइस पर भी उपलब्ध रहे।
कस्टम फीड्स के अलावा YouTube ने मोबाइल ऐप के होम टैब के टॉप बार को भी नया रूप दिया है। वहीं अब यहां लाइव, म्यूजिक और मूवीज व टीवी जैसी कैटेगरी की फीड दिखाई दे सकती हैं। सब्सक्रिप्शन फीड को भी टॉप बार में जगह दी गई है जिससे अपने पसंदीदा चैनलों का कंटेंट ढूंढना आसान होगा।
अभी के लिए कस्टम फीड्स का रोलआउट अंग्रेजी भाषा में अमेरिका के पात्र, साइन-इन यूजर्स के लिए किया जा रहा है। इसके लिए उम्र कम से कम 13 साल होनी चाहिए या अकाउंट में सर्च हिस्ट्री का विकल्प चालू होना चाहिए। साथ ही भारत में उपलब्धता की तारीख अभी स्पष्ट नहीं हुई है।