Highlight:
Apple iPhone Duo की डिमांड भारत के बाजार में बढ़ रही है।
तुरंत फोन खरीदने वालों को ग्रे मार्केट में 50 हजार ज्यादा देने कि बात सामने आई है।
भारत में 6,000 यूनिट iPhone Duo के फोन आने थे लेकिन यह यूनिट पूरा नहीं हुआ है।
Apple iPhone Duo: Apple का पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध हो गया है लेकिन इसे खरीदना आसान नहीं है। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि प्री-ऑर्डर शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर ही फोन का स्टॉक खत्म हो गया है। ऐसे में जो ग्राहक इसे तुरंत खरीदना चाहते हैं उन्हें ग्रे मार्केट का रुख करना पड़ सकता है जहां फोन की कीमत पर 50,000 रुपये तक का प्रीमियम मांगे जाने की खबर सामने आ रही है।
जानकारी के लिए बता दें कि iPhone Duo की आधिकारिक शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये रखी गई है। ऐसे में 50,000 रुपये अतिरिक्त देने पर इसके 256GB वेरिएंट की कीमत 3,49,900 रुपये तक पहुंच सकती है। लेकिन Apple ने भारत में सीमित सप्लाई और ग्रे मार्केट की कीमतों से जुड़ी इन रिपोर्ट्स की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
Livemint की एक रिपोर्ट में बताया गया कि बिक्री के पहले सप्ताह में भारत पहुंचने वाले iPhone Duo की संख्या करीब 6,000 यूनिट रहने की उम्मीद है। वहीं रिपोर्ट में दावा किया गया कि कई रिटेलर्स को उनकी मांग के मुकाबले काफी कम फोन मिले हैं। जिसमें दिल्ली के एक स्टोर ने कथित तौर पर 100 यूनिट मांगी थीं लेकिन उसे सिर्फ पांच फोन दिए गए।
ऐसे में सीमित स्टॉक के कारण कुछ छोटे रिटेलर्स के पास लॉन्च के दिन फोन उपलब्ध होगा या नहीं इसे लेकर भी अनिश्चितता बताई गई है। इसी स्थिति का फायदा ग्रे मार्केट के विक्रेता उठा रहे हैं। जिसकी रिपोर्ट्स बताती है कि दुबई और सिंगापुर जैसे बाजारों से फोन लाकर भारत में अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है। इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि अतिरिक्त पैसे देने पर फोन में कोई नया फीचर नहीं मिलता। इसमें ग्राहक केवल सीमित उपलब्धता के बीच डिवाइस जल्दी पाने के लिए ज्यादा भुगतान करते हैं।
फोन की मांग को देखते हुए Apple ने कथित तौर पर अपने सप्लायर्स से उत्पादन बढ़ाने को कहा है। जिसको लेकर GSMArena की रिपोर्ट में बताया गया है कि Foxconn और कंपोनेंट सप्लायर्स के लिए पहले 12 महीनों का प्रोडक्शन टारगेट 97 लाख से बढ़ाकर 1.4 करोड़ यूनिट करने की बात सामने आई है। जो करीब 44 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
लेकिन ज्यादा फोन बनाने का लक्ष्य तय होने का मतलब यह नहीं है कि भारतीय बाजार में तुरंत स्टॉक बढ़ जाएगा। रिपोर्ट्स में असेंबली, डिस्प्ले और हिंज के निर्माण से जुड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया गया है। इनकी वजह से उत्पादन की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।
अगर आप iPhone Duo खरीदने की योजना बना रहे हैं तो ग्रे मार्केट से फोन लेने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है। क्योंकि अनधिकृत विक्रेता से खरीदने पर भारतीय बिल, वारंटी और बिक्री के बाद मिलने वाली सर्विस को लेकर परेशानी हो सकती है। ये जोखिम विक्रेता और डिवाइस की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
ऐसे में अगर फोन तुरंत खरीदना जरूरी नहीं है तो Apple Store या अधिकृत रिटेलर के यहां स्टॉक आने का इंतजार करना समझदारी होगी। वहीं इससे अतिरिक्त प्रीमियम देने से बच सकते हैं और खरीदारी के दस्तावेज भी मिलेंगे।