WhatsApp Username Feature Update News: दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने अपनी प्राइवेसी नीतियों और फीचर्स में एक बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। मेटा के स्वामित्व वाले इस ऐप ने वैश्विक स्तर पर Username फीचर को रोलआउट करना शुरू कर दिया है। इस नए अपडेट के बाद, यूजर्स को किसी अजनबी या नए व्यक्ति से बात करने के लिए अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
WhatsApp ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि यूजरनेम रिजर्व करने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। हालांकि यह फीचर पूरी तरह से ऐप में इस साल के अंत तक सक्रिय होगा, लेकिन कंपनी ने यूजर्स को अपनी पसंद का यूनिक यूजरनेम पहले से ही रिजर्व करने का मौका दिया है। जब यह सुविधा आपके अकाउंट के लिए उपलब्ध हो जाएगी, तो ऐप के भीतर ही आपको इसका नोटिफिकेशन प्राप्त होगा।
मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग के अनुसार, यह फीचर मुख्य रूप से यूजर्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कंपनी का कहना है कि फोन नंबर एक बेहद निजी जानकारी होती है और कई बार लोग इसे दूसरों को दिए बिना जुड़ना चाहते हैं। यूजरनेम एक ऐसा जरिया बनेगा जिससे आप अपनी पहचान गुप्त रखते हुए दूसरों से संवाद कर सकेंगे।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह किसी सोशल मीडिया हैंडल की तरह सार्वजनिक नहीं होगा यानी व्हाट्सएप पर आपकी कोई 'पब्लिक डायरेक्टरी' या 'सजेशन लिस्ट' नहीं होगी। आपसे संपर्क करने के लिए व्यक्ति के पास आपका सटीक और सही यूजरनेम होना अनिवार्य है।
https://twitter.com/WhatsApp/status/2071627237095354410
WhatsApp केवल यूजरनेम तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ते हुए Username Key का विकल्प भी दे रहा है। यदि कोई व्यक्ति पहली बार आपके यूजरनेम के जरिए आपको मैसेज करता है, तो उसे आप तक पहुंचने के लिए उस विशेष 'की' की आवश्यकता होगी। यूजर्स इस 'की' को कभी भी बदल सकते हैं, जिससे स्पैम मैसेज और अवांछित कॉल्स पर लगाम लगाई जा सकेगी।
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इस तकनीकी बदलाव के बीच एक बड़ी व्यावसायिक खबर यह भी आई है कि CRED के संस्थापक कुणाल शाह जल्द ही व्हाट्सएप के अगले ग्लोबल सीईओ के रूप में मेटा में शामिल होंगे। इसके साथ ही मेटा फिनटेक कंपनी क्रेड में लगभग 900 मिलियन डॉलर (करीब 8,550 करोड़ रुपये) का भारी निवेश भी कर रही है, जो भारतीय स्टार्टअप ईकोसिस्टम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।