WhatsApp पर माता पिता का काबू। Source. Social Media
टेक्नॉलजी

WhatsApp में बच्चों के अकाउंट पर पैरेंट्स का कंट्रोल बढ़ा, चैट-कॉल रहेंगी प्राइवेट, जानें फीचर की पूरी डिटेल

WhatsApp Parental Controls: माता-पिता अपने टीनएज बच्चों के WhatsApp इस्तेमाल में ज्यादा कंट्रोल आ गया है। नए पैरेंटल कंट्रोल पेश किए हैं जिसमें फोटो की प्राइवेसी, ग्रुप में जोड़ने वाली चीजें शामिल है।

सिमरन सिंह

WhatsApp Parent-Managed Accounts के जरिए अब माता-पिता अपने टीनएज बच्चों के WhatsApp इस्तेमाल को लेकर ज्यादा कंट्रोल रख सकते है। बता दें कि कंपनी ने नए पैरेंटल कंट्रोल पेश किए हैं जिनसे पैरेंट्स प्रोफाइल फोटो की प्राइवेसी, ग्रुप में जोड़ने की अनुमति, Channels, Status और Meta AI से जुड़े विकल्प तय कर पाएंगे। इसमें खास बात यह है कि इन कंट्रोल के बावजूद बच्चे की निजी चैट और कॉल की प्राइवेसी बरकरार रहेगी।

प्रोफाइल फोटो और ग्रुप सेटिंग पर मिलेगा कंट्रोल

इस नए फीचर में पैरेंट्स यह तय कर सकते है कि उनके टीनएजर की प्रोफाइल फोटो कौन देख सकता है और कौन उसे WhatsApp ग्रुप में जोड़ सकता है। वहीं अगर बच्चा इन सेटिंग्स को कम प्रतिबंधित करना चाहता है तो उसे पैरेंट की मंजूरी की जरूरत होगी। इसके लिए पैरेंट द्वारा सेट किया गया PIN इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं पैरेंट्स Channels के इस्तेमाल से जुड़े विकल्प भी तय कर पाएंगे। इसके अलावा वे चुन सकेंगे कि बच्चा किन लोगों के Status अपडेट देख सकता है और उसके अपने Status को कौन देख पाएगा।

ग्रुप में क्या हो रहा है इसकी मिलेगी जानकारी

पैरेंटल कंट्रोल का एक अहम हिस्सा WhatsApp ग्रुप से जुड़े अलर्ट भी हैं। बता दें कि पैरेंट्स को सूचना मिल सकती है कि उनका Teen किसी ग्रुप में शामिल हुआ है या उससे बाहर निकला है। अगर जिस ग्रुप में बच्चा मौजूद है उसमें सदस्यों की संख्या में बड़ा बदलाव होता है तो उसकी जानकारी भी दी जा सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पैरेंट्स ग्रुप की बातचीत पढ़ पाएंगी। ये अलर्ट ग्रुप की गतिविधि के बारे में जानकारी देने तक सीमित रहने वाला हैं।

Meta AI पर भी मिलेगा अलग विकल्प

WhatsApp ने Meta AI के लिए भी नया पैरेंटल कंट्रोल दिया है। पैरेंट्स Teen के लिए डिफॉल्ट 13+ अनुभव चुन सकते हैं या ज्यादा प्रतिबंधित Limited Content विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन सेटिंग्स में बदलाव के लिए पैरेंट की मंजूरी और सेट किया गया PIN जरूरी होगा।

निजी चैट और कॉल रहेंगी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पैरेंटल कंट्रोल ऑन होने के बाद भी Teen के निजी मैसेज और कॉल पैरेंट्स को दिखाई या सुनाई नहीं देंगे। WhatsApp का इसको लेकर कहना है कि ये बातचीत end-to-end encrypted रहेंगी और चैट के बाहर कोई भी यहां तक कि WhatsApp भी उन्हें पढ़ या सुन नहीं सकता। वहीं कंपनी बताती है कि ये पैरेंटल कंट्रोल optional हैं। परिवार जरूरत के मुताबिक इन्हें बदल या बंद कर सकते हैं। फीचर को धीरे-धीरे रोल आउट किया जा रहा है इसलिए हर यूजर या हर क्षेत्र में यह तुरंत उपलब्ध हो यह जरूरी नहीं है।

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