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Airbnb पर अमेरिकी जांच तेज, सस्ता AI बना मुसीबत, क्या यूजर्स का डेटा है खतरे में?

Airbnb AI controversy: Airbnb इन दिनों एक बड़े विवाद में घिर गई है। कंपनी द्वारा चीनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका में जांच शुरू हो गई है। यह मामला इतना गंभीर हो गया है।

सिमरन सिंह

Chinese AI model issue: दुनिया की मशहूर ट्रैवल कंपनी Airbnb इन दिनों एक बड़े विवाद में घिर गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी द्वारा चीनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका में जांच शुरू हो गई है। यह मामला इतना गंभीर हो गया है कि अमेरिकी संसद की दो प्रमुख कमेटियों ने सीधे कंपनी से जवाब तलब कर लिया है।

संसद की कमेटियों ने भेजा नोटिस

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, House Homeland Security Committee और House Select Committee on China ने Airbnb और AI कंपनी Anysphere को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कंपनियों से कई अहम सवाल पूछे गए हैं। उनसे यह जानना चाहा गया है कि आखिर उन्होंने चीनी AI मॉडल को क्यों चुना और किन परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल किया गया। साथ ही चीन की AI कंपनियों के साथ उनके संबंधों की भी जानकारी मांगी गई है।

कंपनियों से पूछे गए ये सवाल

इस जांच का नेतृत्व John Moolenaar और Andrew Garbarino कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, जरूरत पड़ने पर कंपनी के कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देना पड़ सकता है। इससे साफ है कि मामला अब सिर्फ कागजी जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गहराई से पड़ताल की जाएगी।

राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता

अमेरिकी सांसदों ने इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा है। उनका कहना है कि भले ही चीनी AI मॉडल सस्ते और ओपन-सोर्स हों, लेकिन इनमें डेटा सुरक्षा से जुड़े गंभीर खतरे छिपे हो सकते हैं। John Moolenaar के मुताबिक, इन AI सिस्टम्स को चीन के सेंसरशिप फ्रेमवर्क के तहत ट्रेन किया जाता है, जिससे डेटा लीक और साइबर सुरक्षा में सेंध की आशंका बढ़ जाती है।

Airbnb में कौन-सा AI इस्तेमाल हो रहा?

सबसे दिलचस्प बात यह है कि Airbnb का कस्टमर सर्विस सिस्टम Alibaba के Qwen AI मॉडल पर आधारित है। दिसंबर 2025 में कंपनी के CEO Brian Chesky ने बताया था कि यह मॉडल तेज और किफायती है, इसलिए कंपनी इसका बड़े पैमाने पर उपयोग कर रही है। वहीं, ChatGPT जैसे टूल्स के बारे में उन्होंने कहा था कि ये अभी पूरी तरह प्रोडक्शन के लिए तैयार नहीं हैं, इसलिए इनका इस्तेमाल सीमित स्तर पर किया जा रहा है।

आगे क्या हो सकता है?

इस जांच के नतीजे आने वाले समय में टेक और ट्रैवल इंडस्ट्री दोनों पर बड़ा असर डाल सकते हैं। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो कंपनियों के लिए सख्त नियम लागू हो सकते हैं, जिससे यूजर्स के डेटा की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।

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