फोन चोरी होने पर अपने आप हो जाएगा बंद। (सौ. Freepik)
नवभारत टेक डेस्क: आज के दौर में स्मार्टफोन चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं। हालांकि, इसे पूरी तरह रोक पाना अब भी संभव नहीं है। लेकिन Android ऑपरेटिंग सिस्टम में कुछ ऐसे फीचर्स दिए गए हैं, जो आपके स्मार्टफोन और उसमें मौजूद डेटा को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। गूगल ने हाल ही में थेफ्ट प्रोटेक्शन सर्विस लॉन्च की है, जो स्मार्टफोन सिक्योरिटी को पहले से बेहतर बनाती है। आइए जानते हैं इस सर्विस के फीचर्स और इसे इनेबल करने का तरीका।
गूगल की थेफ्ट प्रोटेक्शन सर्विस क्या है?
गूगल थेफ्ट प्रोटेक्शन Android 10 और इसके बाद के वर्जन वाले स्मार्टफोन्स पर उपलब्ध एक इन-बिल्ट सिक्यॉरिटी फीचर है। इसका उद्देश्य स्मार्टफोन के चोरी होने या गुम हो जाने की स्थिति में यूजर के डेटा को सुरक्षित रखना है।
इस सर्विस में कई लेयर सिक्यॉरिटी मिलती है:
- थेफ्ट डिटेक्शन लॉक: यदि फोन यह पहचानता है कि इसे जबरदस्ती छीना जा रहा है या कोई इसे लेकर भाग रहा है, तो स्क्रीन ऑटोमैटिकली लॉक हो जाएगी।
- ऑफलाइन डिवाइस लॉक: यदि फोन ऑफलाइन हो जाता है, तो कुछ समय बाद स्क्रीन अपने आप लॉक हो जाएगी और इसे अनलॉक करने के लिए पासवर्ड की आवश्यकता होगी।
थेफ्ट प्रोटेक्शन सर्विस कैसे मदद करती है?
- फोन चोरी होने पर यूजर इसे दूर से लॉक कर सकते हैं।
- Google Find My Device का इस्तेमाल कर स्मार्टफोन को ट्रैक और डेटा डिलीट किया जा सकता है।
इसे इनेबल कैसे करें?
- अपने स्मार्टफोन की Settings में जाएं।
- Google > Google Services को सिलेक्ट करें।
- All Services > Personal and Device Safety > Theft Protection ऑप्शन पर जाएं।
- यहां से इस फीचर को ऑन करें।
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुझाव
- हमेशा Theft Detection Lock और Offline Device Lock को ऑन रखें।
- यह फीचर न केवल फोन के चोरी होने पर उसे सुरक्षित रखता है, बल्कि आपके निजी डेटा को भी दूसरों के हाथों में जाने से बचाता है।