Social Media Ban on Children (Source. Pixabay) 
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15 साल से कम बच्चों पर सोशल मीडिया बैन? जानिए किस देश ने लिए बड़ा फैसला

Poland Social Media Ban: बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम दुनियाभर की सरकारों के लिए चिंता का विषय बन चुका है। इसी कड़ी में Poland की सरकार 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बंद कर रही है।

सिमरन सिंह

Social Media Ban on Children: डिजिटल दौर में बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम दुनियाभर की सरकारों के लिए चिंता का विषय बन चुका है। इसी कड़ी में Poland की सरकार 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक शिक्षा मंत्री Barbara Nowacka ने स्पष्ट किया है कि नए कानून के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स की उम्र की सख्ती से जांच करनी होगी।

क्या है सरकार का प्रस्ताव?

सत्तारूढ़ पार्टी Civic Coalition इस प्रस्ताव का प्रारूप पेश करने जा रही है। अगर कोई प्लेटफॉर्म नाबालिगों को एक्सेस देने में नाकाम रहता है, तो उस पर आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। हालांकि जुर्माने की राशि अभी तय नहीं की गई है। अनुमान है कि यह कानून 2027 की शुरुआत तक लागू हो सकता है। यानी आने वाले वर्षों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया की दुनिया काफी बदल सकती है।

बच्चों की मानसिक सेहत क्यों बनी मुद्दा?

शिक्षा मंत्री का कहना है कि बच्चों और किशोरों की मानसिक स्थिति तथा बौद्धिक विकास को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। सरकार का मानना है कि जरूरत से ज्यादा सोशल मीडिया इस्तेमाल कम उम्र के यूजर्स पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है चाहे वह आत्मविश्वास में कमी हो, पढ़ाई पर असर हो या मानसिक तनाव। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि कम उम्र में डिजिटल प्लेटफॉर्म का अनियंत्रित उपयोग बच्चों के व्यवहार और सोच पर गहरा असर डाल सकता है।

यूरोप के अन्य देश भी सतर्क

पोलैंड इस दिशा में अकेला नहीं है। Denmark, Greece, France, Spain और United Kingdom जैसे देशों में भी नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंधों पर चर्चा चल रही है। वहीं Australia पहले ही इस तरह का कानून लागू कर चुका है, जिसके बाद कई टेक कंपनियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी।

टेक कंपनियों से टकराव संभव

अगर यह प्रस्ताव कानून बनता है, तो अमेरिकी टेक कंपनियों जैसे Meta और X के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसे नियमों को लेकर कंपनियों ने विरोध जताया था।

डिजिटल सुरक्षा की वैश्विक बहस

पोलैंड का यह कदम डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती वैश्विक बहस का हिस्सा है। अब देखना होगा कि सरकार और टेक कंपनियां किस तरह संतुलन बनाती हैं, ताकि बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो और डिजिटल स्वतंत्रता भी बनी रहे।

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