Why People Are Giving Up On Smartwatch: कुछ साल पहले तक स्मार्टवॉच को स्टाइल और टेक्नोलॉजी का सिंबल माना जाता था। चाहे ऑफिस हो, जिम हो, कॉलेज हो या ट्रैवल हर जगह लोगों अपनी कलाई पर स्मार्टवॉच पहने दिखते थे। वहीं स्मार्टवॉच पहनने वाले कॉल नोटिफिकेशन से लेकर हार्ट रेट मॉनिटरिंग तक सब कर पाते थे। पहले कहा तो यह जा रहा था कि इन गैजेट्स ने लोगों की जिंदगी आसान कर दी है लेकिन अब सब बदल गया है क्योंकि धीरे-धीरे लोग स्मार्टवॉच से दूरी बनाकर रेगुलर और क्लासिक वॉच को अपना रहे है।
स्मार्टवॉच की खासियत के बारे में बताए तो यह हर समय फोन से कनेक्ट रहता है। जिससे यूज़र्स बिना फोन उठाए कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया नोटिफिकेशन देख सकते है। वैसे शुरुआत में तो यह फीचर लोगों को बेहद काम का लगा था लेकिन अब यही चीज लोगों को परेशान कर रही है और इसकी वजह लोगों का डिजिटल डिटॉक्स को लेकर बात करना है। इसमें अगर कोई व्यक्ति फोन को दूर रखकर थोड़ा मानसिक आराम चाहता है तो स्मार्टवॉच में आने वाली नोटिफिकेशन उसका ध्यान भटकाती है। जिसका कारण से एक अलर्ट से लोग दोबारा फोन को देखने लगते है।
टेक बाजार में यह भी देखा गया कि लोगों पर स्मार्टफोन की तरह ही हर साल नया स्मार्टवॉच खरीदने का दबाव भी बन रहा है। जिसका कारण कंपनी द्वारा लगभग हर महीने नए मॉडल लॉन्च करना है। जिसमें कंपनी नए मॉडल्स में नए हेल्थ फीचर्स, बेहतर डिस्प्ले और AI बेस्ड ऑप्शन देकर लोगों को अपनी तरफ खीचते है। ऐसे में इश तरह के फीचर्स और ऑफर्स से यूज़र्स को लगता है कि उनका पुराना डिवाइस अब काम ता नहीं रहा और दुनिया से कदम सेकदम मिलाने के लिए वो नया डिवाइज खरीद लेते है। जिससे लोगों पर हर कुछ साल में नए स्मार्टवॉच को खरीदने का खर्च भारी पड़ रहा है। लेकिन दूसरी तरफ रेगुलर घड़ियां सालों तक चलती हैं और उन्हें बार-बार बदलने की जरूरत नहीं होती।
भविष्य को देखते हुए भले ही स्मार्टवॉच फ्यूचरिस्टिक डिजाइन देती है लेकिन आज भी क्लासिक और विंटेज वॉच लोगों के मन में अलग जगह बनाए हुए है। वहीं आज के समय में फैशन ट्रेंड बदलते हुए फिर एख बार पुराने और एलीगेंट डिजाइन की तरफ लौट रहा है। लेदर स्ट्रैप और मेटल फिनिश वाली रेगुलर वॉच लोगों को ज्यादा प्रीमियम और स्टाइलिश लगने लगी है। जिसको देखते हुए अब घड़ी को सिर्फ गैजेट नहीं फैशन स्टेटमेंट की तरह देखा जा रहा है। यही कारण है कि पारंपरिक घड़ियों की डिमांड एक बार फिर से बढ़ चुकी है।
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लोगों का कहना है कि स्मार्टवॉच होने का सबसे बड़ा फायदा उसका कलाई पर होते हुए कई सुविधाएं देना था लेकिन अब ज्यादातर समय स्मार्टफोन हाथ में ही रहता है। ऐसे में नोटिफिकेशन, स्टेप काउंटिंग और फिटनेस ट्रैकिंग जैसी चीजें सीधे फोन से हो जाती है। जिसका सीधा मतलब है कि जो सुविधा स्मार्टवॉच को खास बना रही थी वही अब अपनी अहमियत खोती जा रही है। जिस वजह से आने वाले समय में स्मार्टवॉच पूरी तरह खत्म भी हो सकते है लेकिन यह बात भी किसी से छुपी नहीं है कि इसका शुरुआती क्रेज भूला नहीं जा सकता।