Starbucks AI Vs Humans: AI को लेकर एक बार फिर चर्चा दुनिया भर में शुरु हो गई है। पहले कहा जा रहा था कि AI लाखों नौकरियां खत्म कर देगा और कोई कह रहा था कि यह तकनीक इंसानों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन रही है। लेकिन अब एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने AI की असली कमजोरी दुनिया के सामने लाकर रख दी है। बता दें कि Starbucks के एक AI ट्रायल में रोबोट और स्मार्ट सिस्टम दूध के अलग-अलग कार्टन पहचानने में ही कन्फ्यूज हो गए। जिस कारण से कंपनी को आखिरकार अपना AI इन्वेंट्री सिस्टम को बंद करना पड़ा।
Reuters की जारी करी गई एक रिपोर्ट में बताया गया कि Starbucks ने अपने उत्तरी अमेरिकी स्टोर्स में AI Powered Inventory Program को शुरू किया था। जिसकी मदद से स्टोर में होने वाली प्रोडक्ट की कमी की समस्या को खत्म करने कका मकसद बनाया गया था। जिसको लेकर कंपनी के CEO Brian Niccol ने बताया कि उनको उम्मीद थी कि AI सिस्टम स्टॉक मैनेजमेंट को तेज और ज्यादा सटीक बना सकता है और इस कारण से कैमरे और LIDAR टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया था ताकि सिस्टम खुद-ब-खुद शेल्फ स्कैन करके सामान की गिनती को पूरा कर सके। लेकिन चीजें वैसी नहीं हुईं जैसी हमने सोची थीं।
रिपोर्ट में बताया गया कि AI ऐप कई बार सामान की गलत गिनती करने लगा था। इसके साथ ही सिस्टम एक जैसे दिखने वाले दूध के पैकेट्स में भी फर्क नहीं कर पा रहा था। यह भी देखा गया कि कई मामलों में AI ने ओट मिल्क और बादाम मिल्क तक को गलत पहचान था और कुछ प्रोडक्ट्स की गिनती ही नहीं की गई। जिस कारण से स्टोर ऑपरेशन भी काफी प्रभावित हुए जिससे कर्मचारियों को दोबारा मैनुअल चेकिंग भी करनी पड़ रही थी। जिसका सीधा मतलब है कि जिस AI को इंसानों की नौकरी के लिए खतरा बताया जा रहा था वह अभी तक दूध के पैकेट पहचानने में भी पूरी तरह संघर्ष नहीं है।
एक्सपर्ट्स इस मामले को देखने के बाद बता रहा है कि AI सिस्टम लैब या नियंत्रित माहौल में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं लेकिन असली दुनिया की छोटी-छोटी बारीकियां उन्हें भ्रमित कर देती हैं। जिसमें पैकेजिंग डिजाइन में हल्का बदलाव अलग लेबल या सामान की पोजिशन बदलने जैसी चीजें ऑटोमेटेड सिस्टम को कन्फ्यूज कर सकती हैं। जिस वजह से अभी भी कई सेक्टर्स में इंसानी निगरानी की पूरा जरूरी है।
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इस घटना के होने के बाद Starbucks ने ऑटोमेटेड इन्वेंट्री सिस्टम को बंद करके पुराने तरीके को एक बार फिर से अपना लिया है। वहीं कंपनी के इंटरनल न्यूजलेटर में साफ कहा गया है कि अब दूध और ड्रिंक सामग्री की गिनती फिर से इंसानों द्वारा ही की जाएगी।