Cheap Calling Plans For Mobile Recharge: भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए बड़ा आदेश जारी किया है। 28 अप्रैल 2026 तक सभी ऑपरेटरों को अपने टैरिफ सिस्टम में बदलाव करना होगा। नए नियम के तहत हर वैलिडिटी के लिए वॉइस और SMS-ओनली प्लान देना अनिवार्य होगा।
सिर्फ इतना ही नहीं, इन प्लान्स को वेबसाइट, मोबाइल ऐप और रिटेल स्टोर्स पर स्पष्ट रूप से दिखाना भी जरूरी होगा। यानी अब जितने डेटा + कॉल वाले प्लान मिलते हैं, उतने ही विकल्प केवल कॉल और SMS के लिए भी उपलब्ध होंगे।
TRAI के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के अनुसार, मौजूदा डेटा+वॉइस+SMS प्लान के समान वैलिडिटी के वॉइस-ओनली प्लान भी लॉन्च करने होंगे। इनकी कीमत "लार्जली प्रोपोर्शनल रिडक्शन" के आधार पर तय की जाएगी, यानी डेटा हटाने पर कीमत कम होगी। यह कदम खासतौर पर उन यूजर्स के लिए राहत भरा है जिन्हें इंटरनेट की जरूरत नहीं होती, लेकिन उन्हें मजबूरी में महंगे डेटा प्लान खरीदने पड़ते हैं।
TRAI का कहना है कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्हें डेटा की जरूरत नहीं है। इनमें शामिल हैं:
अगर यह नियम लागू होता है तो:
जहां एक ओर यह फैसला राहत दे सकता है, वहीं दूसरी ओर चिंता भी बढ़ गई है। टेलीकॉम कंपनियां अभी बंडल प्राइसिंग मॉडल पर काम करती हैं, जहां डेटा से होने वाली कमाई से वॉइस सेवाएं सस्ती रहती हैं। अगर वॉइस और डेटा पूरी तरह अलग हो जाते हैं, तो कंपनियां डेटा प्लान महंगे कर सकती हैं। इसका असर उन यूजर्स पर पड़ेगा जो कॉल और इंटरनेट दोनों का इस्तेमाल करते हैं।
भारत में 2004 से टैरिफ फॉरबियरेंस नीति लागू थी, जिसमें कंपनियों को अपने प्लान तय करने की आजादी थी। इसी वजह से भारत दुनिया के सबसे सस्ते मोबाइल डेटा बाजारों में शामिल रहा। लेकिन अब TRAI का यह कदम इस नीति से अलग है। पहली बार इतने सालों बाद रेगुलेटर सीधे टैरिफ स्ट्रक्चर में हस्तक्षेप करता नजर आ रहा है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर डेटा प्लान महंगे होते हैं, तो इसका असर देश के डिजिटल विस्तार पर पड़ सकता है। साथ ही: