Strict account settings (Source. X) 
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अब WhatsApp अकाउंट रहेगा पहले से ज्यादा सुरक्षित! एक टैप में ऑन होगा नया सिक्योरिटी फीचर

WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं और अब कंपनी ने उनकी सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक नया सिक्योरिटी फीचर लॉन्च किया है। WhatsApp ने इस फीचर का नाम ‘स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग’ रखा है।

सिमरन सिंह

Cyber ​​Attack Protection For WhatsApp: दुनियाभर में करोड़ों लोग WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं और अब कंपनी ने उनकी सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक नया सिक्योरिटी फीचर लॉन्च किया है। WhatsApp ने इस फीचर का नाम ‘स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग’ रखा है। यह फीचर एक ही टैप में कई सिक्योरिटी डिफेंस को एक्टिव कर देता है, जिससे यूजर्स को साइबर अटैक्स से बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी। इस फीचर के साथ WhatsApp, Apple और Google के बाद ऐसा एडवांस सिक्योरिटी ऑप्शन देने वाली तीसरी बड़ी टेक कंपनी बन गई है। कंपनी ने कुछ समय पहले इस फीचर का ऐलान किया था और अब इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए रोल आउट किया जा रहा है।

कैसे काम करेगी 'स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग'?

WhatsApp का कहना है कि यह फीचर खासतौर पर एडवांस्ड साइबर अटैक्स और सर्विलांस से बचाव के लिए डिजाइन किया गया है। जैसे ही यूजर इस फीचर को इनेबल करता है, एक साथ कई सिक्योरिटी लेयर एक्टिव हो जाती हैं। अनजान नंबरों से आने वाली फाइल्स और अटैचमेंट अपने आप ब्लॉक हो जाएंगी। इसके अलावा URL के साथ दिखने वाले लिंक प्रीव्यू डिसेबल हो जाएंगे, जिससे फिशिंग अटैक्स का खतरा कम होगा। इतना ही नहीं, अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स साइलेंस कर दी जाएंगी। WhatsApp के मुताबिक, इन तीनों तरीकों का इस्तेमाल हैकर्स और साइबर अपराधी यूजर्स को टारगेट करने के लिए करते हैं, और यही वजह है कि यह फीचर इन्हीं खतरों पर रोक लगाएगा।

नया सिक्योरिटी फीचर कैसे इनेबल करें?

इस फीचर को ऑन करना बेहद आसान है। यूजर को WhatsApp की Settings में जाकर Privacy ऑप्शन पर टैप करना होगा। इसके बाद Advanced सेक्शन में जाने पर 'स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग' दिखाई देगी। फिलहाल यह फीचर रोल आउट की प्रक्रिया में है, इसलिए हो सकता है कि कुछ यूजर्स को यह तुरंत न दिखे। कंपनी का कहना है कि आने वाले हफ्तों में यह फीचर सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।

किन यूजर्स के लिए है यह फीचर ज्यादा जरूरी?

WhatsApp ने साफ किया है कि यह फीचर खासतौर पर जर्नलिस्ट, एक्टिविस्ट और पब्लिक फिगर्स को ध्यान में रखकर लाया गया है, जिन पर साइबर हमलों और डिजिटल जासूसी का खतरा ज्यादा रहता है। हालांकि आम यूजर्स भी इसे इनेबल कर अपनी प्राइवेसी को मजबूत बना सकते हैं।

Apple और Google पहले ही दे चुके हैं ऐसा ऑप्शन

साल 2022 में Apple ने लॉकडाउन मोड नाम से ऐसा ही फीचर पेश किया था, जिसमें मैसेज अटैचमेंट और लिंक प्रीव्यू डिसेबल हो जाते हैं। वहीं Google भी पिछले साल एडवांस्ड प्रोटेक्शन मोड रोल आउट कर चुका है, जो लगभग इसी तरह की सुरक्षा देता है।

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