God Of Chaos धरती के पास से गुजरेगा। (सौ. Freepik) 
टेक्नॉलजी

NASA ने जारी की चेतावनी, 'God Of Chaos ' asteroid पहुंच रहा पृथ्वी के करीब

यह घटना वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है, क्योंकि नई शोधों के मुताबिक, पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण Apophis की सतह पर astroquakes उत्पन्न कर सकता है, जिससे इसके रूप-रंग में बदलाव आ सकता है।

सिमरन सिंह

नवभारत डिजिटल डेस्क. पृथ्वी के पास से गुजरने वाला विशालकाय उल्का Apophis, जिसे "अराजकता का देवता" भी कहा जाता है, अगले पांच सालों में एक करीबी संपर्क बनाएगा। यह घटना वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है, क्योंकि नई शोधों के मुताबिक, पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण Apophis की सतह पर astroquakes उत्पन्न कर सकता है, जिससे इसके रूप-रंग में बदलाव आ सकता है।

Apophis का इतिहास और आगामी घटना

Apophis, जिसे 2004 में खोजा गया था, को शुरू से ही वैज्ञानिकों द्वारा करीबी निगरानी में रखा गया है। प्रारंभिक भविष्यवाणियों में यह बताया गया था कि 2029 में इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना 2.7% थी, लेकिन अब के नए आंकड़ों के अनुसार यह जोखिम लगभग खत्म हो गया है और इसका खतरा 1 से 2 अरब तक घट गया है। हालांकि, इसके बावजूद अपोफिस को "संभावित रूप से खतरनाक" वस्तु माना जाता है और वैज्ञानिक इसके पारगमन का अध्ययन करना जारी रखे हुए हैं।

Apophis का पृथ्वी के पास होना?

Apophis 13 अप्रैल, 2029 को पृथ्वी के पास से गुजरेगा और यह हमारे ग्रह से सिर्फ 19,000 मील (लगभग 30,000 किलोमीटर) दूर होगा, जो कि कुछ उपग्रहों से भी कम दूरी है। यह उल्का लगभग 1,230 फीट लंबा है, जो कि एम्पायर स्टेट बिल्डिंग के आकार के बराबर है। यदि यह पृथ्वी से टकरा जाता, तो यह एक "शहर नष्ट करने वाला" उल्का साबित हो सकता था, लेकिन फिलहाल इसके पृथ्वी से टकराने का कोई खतरा नहीं है।

पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव

वैज्ञानिकों का ध्यान अब Apophis की सतह पर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के प्रभावों पर केंद्रित है। जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय के रोनाल्ड-लुईस बॉलोज़ के नेतृत्व में एक टीम ने अध्ययन किया है कि पृथ्वी के आकर्षण से अपोफिस पर "एस्टरोक्वेक्स" उत्पन्न हो सकते हैं। यह झटके उल्का के सबसे करीब आने से लगभग एक घंटे पहले शुरू हो सकते हैं, जो अपोफिस की सतह को हिला सकते हैं, चट्टानों को ढीला कर सकते हैं और शायद कुछ बोल्डर को अंतरिक्ष में भी भेज सकते हैं। इसके अलावा, उल्का की घूर्णन गति में भी परिवर्तन हो सकता है, जिससे landslides हो सकते हैं और इसके नए सतही परतों का खुलासा हो सकता है।

PM मोदी-ट्रंप की फोन पर बात, भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर क्या हुई चर्चा?

हवा में चाकूबाजी, तेजी से नीचे आया विमान…कौन हैं भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार? जान पर खेलकर बचाई 180 की जान

यूपी पुलिस को ही भंग कर सभी केस CBI को देने पड़ेंगे क्या? सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

कांग्रेस की एकला चलो नीति पर भड़के उद्धव ठाकरे! INDIA गठबंधन की बैठक में सुनाई खरी-खोटी, दी ये सलाह

CSR घाेटाला: महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों के 8 ठिकानों पर ED की छापेमारी, फर्जी नेटवर्क का खुलासा