नवभारत डिजिटल डेस्क. दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई लगातार बढ़ती जा रही है। यह बात आपने तो सुनी ही होगी, जो बेहद अजीब सी लगती है लेकिन यह पूरा सच है। पहाड़ की ऊंचाई बढ़ाने की वजह एक नदी है। माउंट एवरेस्ट की मौजूदा ऊंचाई की बात करें तो वह करीब 8,849 मीटर है जबकि 2005 में इसकी ऊंचाई मापने पर यह 8,844 मीटर ही पता चली थी।
सामने आई रिसर्च के मुताबिक माउंट एवरेस्ट से 75 किलोमीटर दूर रहने वाली अरुण नदी के कारण करीब 89,000 वर्ष से इसकी ऊंचाई 15 से 50 मीटर तक बढ़ती जा रही है। नदी में भूमि स्थल में बदलाव के कारण एवरेस्ट की ऊंचाई हर साल 2 मिलीमीटर तक बढ़ रही है। उपकरणों की मदद से साफ तौर पर इसे देखा जा सकता है।
हिमालय का निर्माण करोड़ों वर्ष पहले भारतीय प्लेट के टकराने के कारण हुआ था। अब तक इसकी ऊंचाई बढ़ाने के पीछे प्रमुख वजह टेक्टोनिक प्लेटों का घर्षण था लेकिन यूनिवर्सिटी द्वारा की गई रिसर्च के अनुसार शोध में बताया गया है कि अरुण नदी जब हिमालय से नीचे की ओर बहती है, तो बहुत सारा मालवा लेकर आती है। यह मालवा पृथ्वी के ऊपरी सतह पर एक परत बनाता है, जिसके चलते धरती की निचली परत पर दबाव कम होता है। इससे यह पतली परत उखड़कर ऊपर की ओर उठ जाती है और अरुण नदी के साथ बहने लगती है।
माउंट एवरेस्ट दुनिया की सबसे बड़ी चोटी है। इस चोटी को नेपाल के क्षेत्र में भी देखा जाता है और यहां इसे सागरमाथा के नाम से भी जाना जाता है। 2017 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी की ऊंचाई मापन शुरू किया गया, क्योंकि माना जाता था कि 2015 में भूकंप के कारण इसका असर माउंट एवरेस्ट पर भी पड़ा था। 2 साल बाद इस काम को पूरा किया गया, जिसके बाद इसके नतीजों ने सभी को चौंका दिया।
साल 2020 में चीन और नेपाल संयुक्त तौर पर ऊंचाई मापने का डेटा साझा कर रहे थे। इस डेटा के मुताबिक माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8,849 मीटर हो गई थी जबकि 2005 में चीन ने इसे मापा था तो इसकी ऊंचाई 8,844.43 मीटर की थी।