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टेक्नॉलजी

OpenAI को झटका? Microsoft ने बदली AI रणनीति, Excel और Outlook में अब अपने मॉडल्स का बढ़ा इस्तेमाल

Microsoft AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में चीजों को बदलते हुए तो देखा ही जा रहा है ऐसे में Microsoft अब एक नई रणनीति पर काम कर दिया है। जिसमें कंपनी ने अपने तारीको को बदल दिया है।

सिमरन सिंह

Microsoft MAI Model: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में चीजों को बदलते हुए तो देखा ही जा रहा है ऐसे में Microsoft अब एक नई रणनीति पर काम कर दिया है। बता दें कि कंपनी धीरे-धीरे अपने फेमस वर्कप्लेस ऐप्स जैसे Excel और Outlook में OpenAI और Anthropic के कुछ AI मॉडल्स की जगह अपने खुद के विकसित किए गए MAI (Microsoft AI) मॉडल्स का इस्तेमाल बढ़ा रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि Microsoft ने हर सप्ताह आने वाले हजारों AI प्रॉम्प्ट्स को प्रोसेस करने के लिए इन-हाउस मॉडल्स को तैनात करना शुरू कर दिया है। हालांकि यह बदलाव अभी शुरुआती स्तर पर है लेकिन इससे कंपनी की भविष्य की AI रणनीति साफ नजर आने लगी है।

Copilot के बढ़ते इस्तेमाल के साथ बदल रही है रणनीति

देखा जा रहा है कि Microsoft के कई स्मार्ट फीचर्स OpenAI और Anthropic के AI मॉडल्स पर आधारित थे। लेकिन जैसे-जैसे Copilot जैसे AI टूल्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, कंपनी बाहरी AI प्रोवाइडर्स पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है। इसका मकसद सिर्फ तकनीकी आत्मनिर्भरता नहीं बल्कि लगातार बढ़ रही ऑपरेटिंग कॉस्ट को भी नियंत्रित करना है। जिसको लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Microsoft अपने AI मॉडल्स को समान गुणवत्ता के साथ विकसित करने में सफल रहती है तो आने वाले समय में कंपनी को अरबों डॉलर का फायदा हो सकता है।

AI चलाना क्यों पड़ रहा है इतना महंगा?

जानकारी के लिए बता दें कि बड़े AI मॉडल्स को चलाने के लिए भारी कंप्यूटिंग संसाधनों की जरूरत पड़ती है। जिसमें कंपनियां AI टोकन के आधार पर भुगतान करती हैं जो यह तय करते हैं कि किसी AI मॉडल ने कितनी प्रोसेसिंग की है। वहीं Microsoft जैसी वैश्विक कंपनी के लिए यह खर्च समय के साथ तेजी से बढ़ता जा रहा है। वैसे अभी के लिए OpenAI के साथ लंबी साझेदारी के कारण कंपनी को कुछ लागत लाभ जरूर मिल रहा है लेकिन भविष्य में केवल बाहरी AI मॉडल्स पर निर्भर रहना काफी महंगा भी पड़ सकता है।

Anthropic पर खर्च कम करना चाहती है कंपनी

Microsoft के AI प्रमुख मुस्तफा सुलेमान ने कंपनी की सोच को साफ शब्दों में जाहिर करते हुए कहा, "हम एंथ्रोपिक को बहुत सारा पैसा देते हैं इसलिए हमारा मकसद उस खर्च को कम करना और आखिर में उसे पूरी तरह खत्म करना है" इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा, "हमारी कंपनी में बहुत सारे लोग AI टोकन पर लाखों डॉलर खर्च कर रहे हैं," जो यह दिखाता है कि बड़े स्तर पर AI सेवाएं संचालित करना कितना महंगा हो चुका है। ऐसे में Microsoft का यह कदम AI इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा और आत्मनिर्भरता दोनों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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