Mark Zuckerberg Meta case: Meta इन दिनों एक अनोखे विवाद में उलझी हुई है। मामला इतना दिलचस्प है कि इसमें कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर करने वाले शख्स का नाम भी मार्क जुकरबर्ग ही है। लेकिन यह मेटा के CEO Mark Elliot Zuckerberg नहीं, बल्कि एक वकील मार्क स्टीवन जुकरबर्ग हैं, जिन्होंने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मार्क स्टीवन जुकरबर्ग ने इंडियानापॉलिस के मारियन सुपीरियर कोर्ट में केस दायर कर दावा किया है कि Meta उनकी लीगल सर्विस का कमर्शियल पेज बार-बार डिलीट कर रही है। वकील का कहना है कि पिछले 8 सालों में पांच बार उनका पेज हटाया गया और हर बार कंपनी यही वजह बताती रही कि वह CEO मार्क जुकरबर्ग के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसके चलते उन्हें न केवल आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा, बल्कि उनके कामकाज पर भी गहरा असर पड़ा।
वकील ने बताया कि उन्होंने अपनी लीगल सर्विसेज को प्रमोट करने के लिए अब तक करीब 10 लाख रुपये विज्ञापन पर खर्च किए हैं। उनका कहना है कि अकाउंट बार-बार सस्पेंड होने के बावजूद विज्ञापन का पैसा लगातार कटता रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह 2017 से इस मुद्दे पर Meta से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
दूसरी ओर, Meta ने अपनी गलती मानते हुए वकील का अकाउंट बहाल कर दिया है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, "गलती से वकील का अकाउंट सस्पेंड हो गया था और आगे से ऐसा नहीं होगा। इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।"
हालांकि अकाउंट रिस्टोर होने के बावजूद वकील संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने Meta से आर्थिक नुकसान की भरपाई, लीगल फीस का भुगतान और आधिकारिक माफी की मांग की है। यह मामला अब कोर्ट में है और देखना दिलचस्प होगा कि टेक दिग्गज और समान नाम वाले वकील के बीच यह कानूनी जंग किस ओर रुख करती है।