Telecom Tariff: महंगे मोबाइल रिचार्ज को लेकर आज के समय में कई लोगों को परेशान है। इसी को देखते हुए करोड़ों यूजर्स के लिए राहत की जानकारी सामने आ रही है। बता दें कि सरकार टेलीकॉम कंपनियों पर लगने वाले कुछ शुल्क और फीस को कम करने के विकल्प पर विचार कर रही है। जिसके लेकर बताया जा रहा है कि अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो Jio, Airtel और Vodafone Idea जैसी कंपनियों के लिए लागत कम हो सकती है और इसका असर मोबाइल टैरिफ पर भी देखने को मिल सकता है। लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि रिचार्ज की कीमत सीधे कितनी कम होगी। फिर भी अभी के लिए सरकार की ओर से शुल्क में संभावित बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है।
दिए गई जानकारी में बताया जा रहा है कि टेलीकॉम कंपनियों पर फिलहाल उनकी कुल कमाई के आधार पर करीब 8% लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज का बोझ है। ऐसे में सरकार इस फीस को घटाकर करीब 3 से 4% करने के विकल्प पर विचार कर रही है। ऐसे में अगर शुल्क में इतनी कमी होती है तो टेलीकॉम कंपनियों की लागत घट सकती है। इसके बाद कंपनियां इस बचत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक सस्ते या ज्यादा वैल्यू वाले प्लान के रूप में पहुंचा सकती हैं। लेकिन रिचार्ज वास्तव में कितना सस्ता होगा यह कंपनियों के फैसले पर निर्भर करता है।
बताया जा रहा है कि टेलीकॉम कंपनियों से ली जाने वाली फीस में एक हिस्सा ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सरकारी फंड से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस फंड में पहले से पर्याप्त रकम उपलब्ध होने के कारण कंपनियों से होने वाली वसूली को कुछ वर्षों के लिए कम करने या रोकने का विकल्प भी चर्चा में है। वहीं इस कदम का उद्देश्य टेलीकॉम सेक्टर की लागत को कम करना और मोबाइल सेवाओं को आम लोगों के लिए अधिक किफायती बनाना बताया जा रहा है।
देखा जा रहा था कि पिछले टैरिफ बढ़ोतरी के बाद 28, 56 और 84 दिन वाले कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान महंगे हुए हैं। इसका असर खासतौर पर उन ग्राहकों पर पड़ता है जो मोबाइल का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग और बेसिक इंटरनेट के लिए करते हैं। वहीं महंगे रिचार्ज के बीच सरकार अब टेलीकॉम सेक्टर की लागत घटाने के विकल्प तलाश रही है। इससे कंपनियों पर कीमतों को लेकर दबाव कम हो सकता है।
कुछ विशेषज्ञ अनुमानों को देखे तो लागत में कमी होने पर कंपनियां मौजूदा प्लान की कीमतों में 10 से 15% तक की कटौती कर सकती हैं। जिसमें उदाहरण के तौर पर ₹299 का प्लान करीब ₹250-260 के आसपास आ सकता है। वहीं सालाना प्लान में ₹300-400 तक की संभावित बचत का अनुमान लगाया जा रहा है। लेकिन ये केवल अनुमान हैं। अंतिम कीमत कितनी घटेगी यह सरकार के फैसले और टेलीकॉम कंपनियों की नई टैरिफ रणनीति पर निर्भर करेगा।