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आपका Android फोन कहीं हैक तो नहीं? ये 7 संकेत दिखें तो तुरंत हो जाएं सावधान

Smartphone Tips: Android स्मार्टफोन हर घर की जरूरत बन चुका है। UPI पेमेंट हो, ऑनलाइन बैंकिंग, सोशल मीडिया या ऑफिस का काम सब कुछ इसी छोटे से फोन पर चलता है।

सिमरन सिंह

What is Malware: भारत में आज Android स्मार्टफोन हर घर की जरूरत बन चुका है। UPI पेमेंट हो, ऑनलाइन बैंकिंग, सोशल मीडिया या ऑफिस का काम सब कुछ इसी छोटे से फोन पर चलता है। लेकिन जितना ज्यादा इस्तेमाल, उतना ही बड़ा खतरा भी। Android फोन आज साइबर अपराधियों के सबसे पसंदीदा टारगेट बन चुके हैं। राहत की बात यह है कि हर छोटी-बड़ी समस्या के लिए सर्विस सेंटर भागने की जरूरत नहीं होती। अगर आप सही संकेत पहचान लें, तो खतरे को समय रहते टाला जा सकता है।

Malware क्या है और Android यूजर्स क्यों ज्यादा फंसते हैं

Malware एक खतरनाक सॉफ्टवेयर होता है, जो चुपचाप फोन में घुसकर आपका डेटा चुरा सकता है, आपकी गतिविधियों पर नजर रख सकता है और फोन को नुकसान पहुंचा सकता है। Android यूजर्स इसलिए ज्यादा निशाने पर रहते हैं क्योंकि Play Store के अलावा भी लोग थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स से ऐप्स डाउनलोड कर लेते हैं। भारत में mod APK, फ्री प्रीमियम ऐप्स और WhatsApp या SMS पर आए अनजान लिंक पर क्लिक करना आम है यहीं से खतरा शुरू होता है।

फोन खुद देने लगता है खतरे का इशारा

अगर आपका फोन अचानक स्लो हो गया है, बिना वजह गर्म होने लगा है या बार-बार हैंग और क्रैश हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। फोन इस्तेमाल न करने पर भी अगर बैटरी तेजी से खत्म हो रही है, तो यह Malware की मौजूदगी का बड़ा संकेत हो सकता है।

अनजान ऐप्स पर रखें खास नजर

Settings में जाकर Apps सेक्शन खोलें और सभी इंस्टॉल ऐप्स को ध्यान से देखें। अगर कोई ऐसा ऐप दिखे जिसे आपने कभी डाउनलोड नहीं किया, या जिसका नाम और काम दोनों अजीब लगे, तो सतर्क हो जाएं। Malware अक्सर खुद को नकली अपडेट, फर्जी टूल या साधारण फ्लैशलाइट ऐप के रूप में छुपा लेता है। शक होने पर ऐप का नाम इंटरनेट पर जरूर सर्च करें।

परमिशन से भी पकड़ में आता है Malware

Settings > Privacy > Permission Manager में जाकर देखें कि कौन-सा ऐप कैमरा, माइक्रोफोन, कॉन्टैक्ट्स या मैसेज तक पहुंच मांग रहा है। अगर कोई साधारण कैलकुलेटर ऐप कॉल लॉग या SMS पढ़ने की परमिशन चाहता है, तो यह साफ खतरे की घंटी है।

डेटा यूसेज और पॉप-अप विज्ञापन भी देते हैं संकेत

Malware बैकग्राउंड में लगातार डेटा खर्च करता है। Data Usage में जाकर देखें कि कोई ऐप जरूरत से ज्यादा डेटा तो नहीं खा रहा। इसके अलावा, बिना इंटरनेट चलाए भी अगर फोन में पॉप-अप विज्ञापन आने लगें, तो समझ लें कि फोन में एडवेयर मौजूद हो सकता है।

सिक्योरिटी ऐप क्यों है जरूरी

Android फोन में एक भरोसेमंद सिक्योरिटी या एंटीवायरस ऐप जरूर रखें। केवल Google Play Store से ही ऐप डाउनलोड करें और Google Play Protect को ऑन रखें। अनजान वेबसाइट्स से डाउनलोड किए गए सिक्योरिटी ऐप खुद खतरा बन सकते हैं।

जब हालात बिगड़ने लगें

अगर फोन अपने आप मैसेज भेजने लगे, कॉल करने लगे या बैंकिंग ऐप काम करना बंद कर दे, तो तुरंत संदिग्ध ऐप्स हटाएं, सॉफ्टवेयर अपडेट करें और जरूरी पासवर्ड बदलें। समस्या बनी रहे तो बैकअप लेकर फैक्ट्री रिसेट करना सबसे सुरक्षित तरीका है।

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