अश्विनी वैष्णव ने बताया आएगे Indian Smartphone. Source. gemini
टेक्नॉलजी

Xiaomi-Vivo को टक्कर देने आ रहा देसी खिलाड़ी, 10-14 महीने में दिख सकता है नया भारतीय स्मार्टफोन ब्रैंड

Indian Smartphone Brand: भारत के स्मार्टफोन बाजार में एक बार फिर देसी ब्रैंड्स की वापसी की उम्मीद जगी है। जिसको लेकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिया है।

सिमरन सिंह

Indian Smartphone Brand 2026: भारत के स्मार्टफोन बाजार में एक बार फिर देसी ब्रैंड्स की वापसी की उम्मीद जगी है। जिसको लेकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिया है कि सरकार ने तीन संभावित कंपनियों की पहचान की है जो आने वाले समय में भारतीय स्मार्टफोन ब्रैंड विकसित कर सकती हैं। ऐसे में अगर यह योजना तय रफ्तार से आगे बढ़ती है तो अगले 10 से 14 महीनों में देश को एक मजबूत घरेलू स्मार्टफोन ब्रैंड मिल सकता है। इससे माइक्रोमैक्स, कार्बन और लावा के उस दौर की यादें भी ताजा हो सकती हैं जब भारतीय कंपनियों की मोबाइल बाजार में अच्छी पकड़ थी।

सरकार ने 3 कंपनियों की पहचान की

बता दें कि केंद्र सरकार नई Mobile Phone Manufacturing Scheme (MPMS) के जरिए देश में सिर्फ मोबाइल बनाने के बजाय स्वदेशी टेक्नोलॉजी ब्रैंड विकसित करने पर जोर दे रही है। इसी पहल के तहत तीन संभावित कंपनियों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है। लेकिन अश्विनी वैष्णव ने इन कंपनियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार को तीन ऐसी कंपनियां दिखाई दे रही हैं जिनमें अगले 10 से 14 महीनों में मजबूत भारतीय ब्रैंड खड़ा करने की क्षमता है। अगर यह योजना सफल होती है तो अगले साल के मध्य तक बाजार में नया नाम दिखाई दे सकता है।

चीनी कंपनियों के सामने होगी बड़ी चुनौती

वहीं इस फैसले के सामने आने के बाद नए भारतीय ब्रैंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती बाजार में पहले से मजबूत चीनी कंपनियां होंगी। जिसमें CMR के लेटेस्ट आंकड़ों बताते है कि भारत के टॉप-5 स्मार्टफोन ब्रैंड्स में चार चीनी कंपनियां शामिल हैं Vivo, Oppo, Xiaomi और Realme। वहीं Samsung टॉप-5 में इकलौता दक्षिण कोरियाई ब्रैंड है। ऐसे में नए देसी खिलाड़ी के लिए सिर्फ भारतीय पहचान काफी नहीं होगी। उसे कीमत, कैमरा, बैटरी, डिजाइन, सॉफ्टवेयर और AI जैसे फीचर्स के मोर्चे पर भी स्थापित कंपनियों से मुकाबला करना होगा।

Micromax और Karbonn वाला दौर लौटेगा?

जानकारी के लिए बता दें कि एक समय ऐसा भी था जब भारतीय स्मार्टफोन बाजार में Micromax, Karbonn और Lava जैसे ब्रैंड्स की अच्छी पकड़ थी। जिसमें आपने किफायती कीमत और बेहतर फीचर्स के चलते इन कंपनियों ने बड़ी संख्या में ग्राहकों को आकर्षित किया था। लेकिन Xiaomi, Vivo और Oppo जैसी कंपनियों के आक्रामक विस्तार, मार्केटिंग और नए फीचर्स ने धीरे-धीरे घरेलू ब्रैंड्स के लिए मुश्किलें बढ़ा दीं। आज के समय में Lava भारतीय बाजार में प्रमुख स्वदेशी नामों में बनी हुई है जबकि AI+ जैसे नए ब्रैंड भी बाजार में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

सिर्फ सस्ता फोन नहीं, सर्विस भी जरूरी

नए भारतीय ब्रैंड के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ अच्छा फोन बनाना नहीं होगी। चीनी कंपनियां पिछले कई सालों से देशभर में रिटेल और आफ्टर-सेल्स सर्विस नेटवर्क मजबूत कर चुकी हैं। इसलिए नए ब्रैंड को भरोसेमंद कस्टमर सपोर्ट, तेज सर्विस और पर्याप्त सर्विस सेंटर भी तैयार करने होंगे। अगर सरकार की पहल से कोई कंपनी इन मोर्चों पर मजबूत रणनीति के साथ उतरती है तो भारतीय स्मार्टफोन बाजार में मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।

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