Jules को किया जा रहा बंद। Source. Jules
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Google बंद करने जा रहा है AI Coding Tool Jules, 11 नवंबर से नहीं कर पाएंगे काम, ऐसे बचाएं अपना डेटा

Google Jules Shutdown: Google ने AI कोडिंग टूल Jules को बंद करने का फैसला कर लिया है। कंपनी 31 दिसंबर 2026 को इस सर्विस को पूरी तरह बंद कर देगी।

सिमरन सिंह

Highlight:

  • Google ने AI कोडिंग टूल Jules को बंद करने का फैसला कर लिया है।

  • 11 नवंबर 2026 से Jules को रीड-ओनली मोड में डाल दिया जाएगा।

  • सेवा को 31 दिसंबर को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

AI Coding Tool: Google ने अपने AI कोडिंग टूल Jules को बंद करने का फैसला कर लिया है। बता दें कि कंपनी 31 दिसंबर 2026 को इस सर्विस को पूरी तरह बंद कर देगी। इससे पहले 11 नवंबर 2026 से Jules को रीड-ओनली मोड में डाल दिया जाएगा। इसका मतलब है कि डेवलपर्स अपने पुराने सेशन और काम देख तो सकते है लेकिन नए बदलाव नहीं कर पाएंगे। ऐसे में अगर आप भी कोडिंग के लिए Jules का इस्तेमाल करते हैं तो समय रहते जरूरी डेटा एक्सपोर्ट करना बेहतर होगा।

दो चरणों में बंद होगी Jules की सर्विस

बता दें कि Google ने 29 अक्टूबर को अपने आधिकारिक Jules Changelog में सर्विस बंद करने की जानकारी दी। इसके मुताबिक 11 नवंबर तक यूजर्स अपने मौजूदा सेशन पर काम पूरा कर सकते हैं। इसके बाद टूल रीड-ओनली हो जाएगा और 31 दिसंबर को पूरी तरह बंद हो जाएगा। इसलिए जिन डेवलपर्स के प्रोजेक्ट या अधूरे टास्क Jules में मौजूद हैं उन्हें नवंबर की समयसीमा से पहले काम पूरा कर लेना चाहिए। केवल पुराने सेशन देख पाना आगे कोडिंग जारी रखने के लिए पर्याप्त नहीं होने वाली है।

आखिर Google क्यों बंद कर रहा है Jules?

Google ने इस फैसले के पीछे किसी तकनीकी खराबी या सुरक्षा समस्या का हवाला नहीं दिया है। कंपनी का कहना है कि वह अपने AI एजेंट से जुड़े प्रयासों को एकीकृत करना चाहती है। Jules के साथ किए गए प्रयोगों से मिली सीख को अब Google अपने दूसरे प्लेटफॉर्म Antigravity में शामिल करने पर काम कर रहा है।

Antigravity एक ऐसा डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म है जहां AI एजेंट कोडिंग टास्क की योजना बनाने, कोड में बदलाव करने, कमांड चलाने और नतीजे जांचने में मदद कर सकते हैं। लेकिन Jules की सभी सुविधाएं इसमें कब तक आएंगी इसकी स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई गई है।

Jules से क्या काम कर सकते थे डेवलपर्स?

Jules एक AI कोडिंग एजेंट था जिसे डेवलपर्स अपने GitHub रिपॉजिटरी से कनेक्ट कर सकते थे। यह कोड की गलतियां ठीक करने, नए फीचर बनाने, सॉफ्टवेयर पैकेज अपडेट करने और टेस्ट चलाने जैसे काम कर सकता था। काम पूरा होने पर यह GitHub पर पुल रिक्वेस्ट भी तैयार कर सकता था। इसकी खासियत थी कि यह बैकग्राउंड में भी काम करता था।

ऐसे सुरक्षित रखें अपना Jules डेटा

Google ने डेटा एक्सपोर्ट करने का विकल्प दिया है। Jules के कमांड लाइन टूल की मदद से अकाउंट सेटिंग्स, एनवायरनमेंट वेरिएबल्स, शेड्यूल्ड टास्क, कनेक्टेड रिपॉजिटरी, सेव की गई मेमोरी और पुराने सेशन का पूरा रिकॉर्ड डाउनलोड किया जा सकता है।

वहीं इसमें ध्यान दें कि आपका कोड, ब्रांच और पुल रिक्वेस्ट GitHub पर पहले से मौजूद हैं इसलिए वे Jules बंद होने के बाद भी वहीं रहेंगे। एक्सपोर्ट मुख्य रूप से Jules के अंदर सेव कॉन्फिगरेशन और हिस्ट्री को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है।

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