What To Do If Your Phone Is Stolen: आज स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और मैसेज तक सीमित नहीं रहा है। इसमें बैंकिंग ऐप्स, फोटो, डॉक्यूमेंट्स, सोशल मीडिया अकाउंट और कई जरूरी निजी जानकारी मौजूद रहती है। ऐसे में फोन चोरी होने पर सबसे बड़ा डर डेटा के गलत इस्तेमाल और डिवाइस की लोकेशन को लेकर होता है। लेकिन Realme, Oppo और OnePlus यूजर्स कुछ सिक्योरिटी सेटिंग्स पहले से एक्टिव करके चोरी हुए फोन को ट्रैक करने की संभावना बढ़ा सकते हैं।
बता दें कि इन ब्रांड्स के फोन में Realme UI, ColorOS और OxygenOS के जरिए कई सिक्योरिटी फीचर्स शामिल किए है। इसमें खासतौर पर कुछ सेटिंग्स ऐसी हैं जो चोर के लिए फोन को तुरंत स्विच ऑफ करना मुश्किल बना सकती हैं।
जैसा कि सभी को पता है कि फोन चोरी होने के बाद उसे बंद कर देना चोर के लिए सबसे आसान तरीका होता है। ऐसे में Required Password to Power Off फीचर काफी काम आ सकता है। इसे एक्टिव करने के बाद फोन को स्विच ऑफ करने के लिए पासवर्ड की जरूरत पड़ेगी। वहीं इससे फोन चालू रहने पर उसे ट्रैक करने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में फीचर ऑन करने के लिए Settings > Security and Privacy > More Security and Privacy में जाएं। यहां Required Password to Power Off का विकल्प मिलेगा। इसे ऑन कर दें। इसमें आपको ध्यान रखना है कि सेटिंग्स का नाम या रास्ता आपके फोन के मॉडल और सॉफ्टवेयर वर्जन के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है।
बताया जाता है कि फोन चोरी या गुम होने की स्थिति में उसकी लोकेशन पता करने के लिए Find My Device फीचर काफी महत्वपूर्ण तरह से काम करता है। जिसमें Android 13 या इसके बाद के वर्जन वाले डिवाइस में इससे फोन को खोजने में मदद मिल सकती है। इसको एक्टिव करने के लिए Settings > Security and Privacy > Device Finders में जाएं। इसके बाद Find your offline devices पर टैप करें और उपलब्ध विकल्पों में With Network in all areas को चुनें। यह फीचर एक्टिव रहने पर फोन ऑफलाइन होने की स्थिति में भी नेटवर्क के जरिए उसे खोजने की संभावना को बढ़ा देता है।
फोन चोरी होने के बाद सिर्फ ट्रैकिंग पर निर्भर रहना सही नहीं होता है। इसके लिए अपने डिवाइस का IMEI नंबर सुरक्षित जगह पर रखना सही माना जाता है। वहीं जरूरत पड़ने पर संचार साथी पोर्टल के जरिए चोरी या गुम हुए मोबाइल को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इन सेटिंग्स को पहले से ऑन रखना इसलिए जरूरी है क्योंकि फोन चोरी होने के बाद सिक्योरिटी फीचर एक्टिव करना मुश्किल हो सकता है। साथ ही फोन में मजबूत स्क्रीन लॉक और जरूरी अकाउंट्स पर 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन रखना भी डेटा सुरक्षा के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।