Government Ban Apps In Android And Apple: आप भी ई-रिक्शा चलाते हैं या इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल करते हैं तो अब आपको गाड़ी बंद होने को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने ऐसे 7 मोबाइल ऐप्स के खिलाफ सख्त कदम उठाया है जिनके कथित दुरुपयोग से ई-रिक्शा की बैटरी को दूर बैठे कंट्रोल या बंद किया जा सकता था। इसी को देखते हुए सरकार ने Google और Apple से इन ऐप्स को अपने-अपने ऐप स्टोर से हटाने का अनुरोध किया है। माना जा रहा है कि इस फैसले से हजारों ई-रिक्शा चालकों को राहत मिल सकती है।
जैसा कि आपने सोशल मीडिया पर देखा ही होगा कि पिछले कुछ महीनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो और शिकायतें सामने आ रही थी। जिसमें आरोप लगाया गया कि कुछ लोग बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से जुड़े मोबाइल ऐप्स का गलत इस्तेमाल कर चलते हुए ई-रिक्शा की बैटरी को अचानक बंद कर देते थे। जिस कारण से चालक बीच रास्ते में फंस जाते थे और यात्रियों के सामने असहज स्थिति का सामना करना पड़ता था। इस क्रम में कई ड्राइवरों का यह भी कहना था कि ऐसी घटनाओं से उनकी रोजाना की कमाई पर सीधा असर पड़ रहा था।
वहीं इस परेशानी को दूर करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने Google Android और Apple iOS को नोटिस जारी कर BAT-BMS समेत कुल 7 ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने के लिए कहा है। जिसको लेकर सरकार का मानना है कि यदि किसी ऐप का इस्तेमाल लोगों की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बनता जा रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए। इस लिस्ट में BAT-BMS जैसे ऐप्स का उपयोग सामान्य तौर पर बैटरी की चार्जिंग, तापमान, हेल्थ और अन्य तकनीकी जानकारी की निगरानी के लिए किया जाता है। लेकिन इसका गलत इस्तेमाल करते हुए बैटरी को किसी भी समय रोकते हुए खतरनाक हालात पैदा किए जा रहे है।
ये भी पढ़े: अब घर बैठे बनेगा Aadhaar Card, बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए UIDAI की खास सुविधा, जानें कैसे करें बुकिंग
वहीं अब लोगों के मन में यह सवाल भी आ रहा है कि सरकार के इस फैसले से क्या फायदा मिलने वाला है, जिसमें यह साफ तौर पर बताया गया है कि इससे चलते-चलते ई-रिक्शा बंद होने जैसी घटनाओं में कमी आएगी। जो चालकों का समय बचेगा, उनकी रोज़ी-रोटी पर पड़ने वाला असर को कम करेगा और यात्रियों का सफर भी अधिक सुरक्षित बनाएगा।
लेकिन इसको लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या हर ई-रिक्शा में नहीं है। केवल उन बैटरियों में जोखिम अधिक है। जिनमें मोबाइल ऐप के जरिए रिमोट एक्सेस की सुविधा मौजूद है। इसलिए नई बैटरी खरीदते समय उसके सुरक्षा फीचर्स और सॉफ्टवेयर सुरक्षा की जांच करना बेहद जरूरी होता है। जिसको लेकर सभी ई-रिक्शा मालिकों को जागरूक करना चाहिए क्योंकि ऐसे परेशानी भविष्य में फिर आ सकती है। जिसको पूरी तरह रोकने का यहीं एक उपाय ठीक रहेगा।