Chandrayaan 3 (सौ. Freepik) 
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Chandrayaan 3 ने की नई खोज, इस रहस्य से उठाया पर्दा

चंद्रयान-3 की लैंडिंग से भारत का मून मिशन एक सफल मिशन बना था, जो आज भी लगातार कई कमल लेकर सामने आ रहा है। इसी बीच चंद्रयान-3 के प्रज्ञान रोवर ने एक नई खोज कर दिखाई है। बता दें कि रोवर ने अपनी लैंडिंग स्टेशन के पास चांद पर 160 किलोमीटर चौड़ा गड्ढा खोज निकाला है।

सिमरन सिंह

Chandrayaan 3. चंद्रयान-3 की लैंडिंग से भारत का मून मिशन एक सफल मिशन बना था, जो आज भी लगातार कई कमल लेकर सामने आ रहा है। इसी बीच चंद्रयान-3 के प्रज्ञान रोवर ने एक नई खोज कर दिखाई है। बता दें कि रोवर ने अपनी लैंडिंग स्टेशन के पास चांद पर 160 किलोमीटर चौड़ा गड्ढा खोज निकाला है।

चांद पर नए गड्ढे की खोज

चंद्रयान-3 के प्रज्ञान रोवर द्वारा एक नई खोज की गई है। अहमदाबाद के भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला के वैज्ञानिक ने साइंस डायरेक्टर की न्यूनतम अंक में प्रवेश कर लिया है। प्रज्ञान द्वारा भेजे गए सिग्नल और खोज की जानकारी में पता चला है कि रोवर वर्तमान में खगोलिय पिंड के दक्षिण ध्रुव क्षेत्र में चंद्रमा की सतह की खोज कर रहा है।

क्यों बनी खास यह खोज

  • चांद पर नए गड्ढे की खोज
  • रोवर ने चंद्रमा की सतह पर सबसे बड़े और सबसे पुराने प्रभाव बेसिन की खोज तब की जब वह दक्षिणी ध्रुव पर ऐटकेन बेसिन से लगभग 350 किमी दूर एक ऊंचे भूभाग से गुजरा।
  • चंद्रमा पर इस गड्ढे के मिलने से धूल और चट्टानों की एक नई खोज की जा सकती है, जो भूवैज्ञानिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

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