Bihar E-Voting (सौ. Freepik) 
टेक्नॉलजी

बिहार देश का पहला राज्य जहां मोबाइल एप से होगी E-voting, जानें कैसे होगी पहचान

भारत में चुनाव आधुनिक हो गई है। बिहार देश का पहला राज्य बन गया है जिसने नगर निकाय चुनावों में मोबाइल एप के ज़रिए ई-वोटिंग की अनुमति दे दी है। जिसस आने वाले समय में यह पूरे देश में भी आ सकता है।

सिमरन सिंह

भारत में चुनाव प्रक्रिया अब और भी आधुनिक हो गई है। बिहार देश का पहला राज्य बन गया है जिसने नगर निकाय चुनावों में मोबाइल एप के ज़रिए ई-वोटिंग की अनुमति दे दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह नई सुविधा आज से पटना, रोहतास और पूर्वी चंपारण के छह नगर परिषदों में लागू की गई है।

इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों को मतदान में शामिल करना है जो किसी वजह से मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाते, जैसे बुजुर्ग, दिव्यांग, गर्भवती महिलाएं या प्रवासी मतदाता।

ई-वोटिंग सिस्टम की खास बातें

यह उन्नत ई-वोटिंग प्रणाली ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और फेस रिकग्निशन पर आधारित है, जो न केवल सुरक्षा को पुख्ता बनाती है बल्कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और हैक-प्रूफ भी बनाती है।

  • वोटिंग के लिए e-SECBHR मोबाइल एप या राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • यह सुविधा विशेष रूप से सीनियर सिटीजन, शारीरिक रूप से अक्षम मतदाता, गर्भवती महिलाएं और बाहर रहने वाले मतदाताओं के लिए है।

ई-वोटिंग में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

  • एक मोबाइल नंबर से अधिकतम दो वोटर ही लॉगिन कर सकते हैं।
  • वोट डालने से पहले फेस स्कैनिंग और वोटर आईडी से मिलान अनिवार्य है।
  • ब्लॉकचेन तकनीक की मदद से पूरी प्रक्रिया को हैक-प्रूफ और ट्रैक करने योग्य बनाया गया है।

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

  • e-SECBHR एप डाउनलोड करें (फिलहाल केवल एंड्रॉयड पर उपलब्ध)।
  • मोबाइल नंबर दर्ज कर उसे वोटर लिस्ट से लिंक करें।
  • नंबर सत्यापित होते ही रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा।
  • मतदान वाले दिन एप या वेबसाइट के ज़रिए वोट डाल सकेंगे।

भविष्य की दिशा

फिलहाल यह ई-वोटिंग प्रणाली केवल नगर निकाय चुनावों तक सीमित है। लेकिन अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी इसे लागू किया जा सकता है।

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