How To Identify Genuine SMS: आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराधी और खतरनाक हैकर लोगों को ठगने के लिए हर दिन नई-नई तरकीबें अपना रहे हैं। इनमें सबसे आम तरीका फेक SMS का है, जिसकी वजह से हजारों लोग रोजाना ठगी का शिकार हो रहे हैं। कई बार ये मैसेज इतने असली लगते हैं कि आम व्यक्ति आसानी से धोखे में आ जाता है। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने एक अहम जानकारी साझा की है, जिससे लोग असली और नकली मैसेज की पहचान कर सकें।
TRAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर साफ किया है कि सभी मैसेज जेनुअन नहीं होते। कोई भी व्यक्ति या ठग खुद को बैंक, सरकारी विभाग या किसी कंपनी का नाम देकर मैसेज भेज सकता है। ऐसे में मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसके हेडर और Suffix पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
TRAI के अनुसार, असली मैसेज में कंपनी या संस्था का रजिस्टर्ड हेडर होता है, जो आमतौर पर 6 अक्षरों का होता है। इसके अलावा मैसेज के अंत में इस्तेमाल किए गए शब्द यानी Suffix से भी पहचान की जा सकती है कि मैसेज भरोसेमंद है या नहीं। फेक मैसेज में अक्सर हेडर गड़बड़ या अजीब नजर आता है।
साइबर अपराधी लोगों को डर या लालच में फंसाने के लिए फर्जी मैसेज भेजते हैं। इनमें लिखा होता है
ऐसे मैसेज देखकर लोग घबरा जाते हैं या लालच में आकर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं।
फेक SMS की पहचान इसकी भाषा से भी की जा सकती है। जैसे
इन मैसेज में अक्सर अजीब या संदिग्ध लिंक होता है, जो आपको फर्जी वेबसाइट पर ले जाता है। वहां आपसे बैंक डिटेल्स, OTP, PIN या CVV नंबर मांगा जाता है।
इसके बाद साइबर ठग कॉल या मैसेज के जरिए दबाव बनाते हैं और लिंक पर क्लिक करने को कहते हैं। जैसे ही व्यक्ति जानकारी साझा करता है, ठग उसके बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं। बैंक और साइबर एक्सपर्ट्स साफ सलाह देते हैं कि किसी भी अनजान व्यक्ति या प्लेटफॉर्म के साथ OTP या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी है कि आप असली और नकली मैसेज की पहचान करना सीखें। किसी भी अनजान मैसेज, लिंक या कॉल पर भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग डिटेल्स हमेशा सुरक्षित रखें। थोड़ी सी लापरवाही आपका पूरा बैंक अकाउंट खाली कर सकती है।