ATM Viral Video Security In India: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दो लोग एक मोबाइल ऐप की मदद से ATM मशीन को पहले बंद और फिर दोबारा चालू करने का दावा करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में किसी भी व्यक्ति का चेहरा साफ दिखाई तो नहीं देता लेकिन ऐप का इंटरफेस काफी हद तक BAT-BMS नाम के उस ऐप जैसा लगता है जो हाल ही में ई-रिक्शा को रिमोट से बंद करने के मामलों में चर्चा में आया था। वहीं यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या अब एटीएम मशीनों को भी मोबाइल ऐप से कंट्रोल किया जा सकता है?
कुछ दिन पहले देखा गया था कि BAT-BMS और Lossigy जैसे चीनी मोबाइल ऐप्स के जरिए कई ई-रिक्शा को दूर से बंद किए जाने की घटनाएं सामने आ रही थी। इस मामले की जांच के बाद भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर को ऐसे ऐप्स हटाने का निर्देश दिया था। इसके बाद BAT-BMS समेत कई ऐप्स स्टोर्स से हटा दिए गए। यही वजह है कि वायरल वीडियो में दिख रहे ऐप को देखकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का इसको लेकर कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिससे यह साबित हो कि कोई सामान्य मोबाइल ऐप एटीएम मशीन को दूर से ऑन या ऑफ कर सकता है। वहीं एटीएम बैंक के सुरक्षित नेटवर्क, वीपीएन कनेक्शन और मल्टी-लेयर फायरवॉल से जुड़े होते हैं। इसके अलावा इन मशीनों में नियंत्रित एक्सेस सिस्टम और अधिकृत बैंक सर्वर के जरिए ही संचालन किया जाता है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि वीडियो में दिख रही घटना के पीछे कई वजह हो सकती हैं। संभव है कि एटीएम पहले से ही रीबूट प्रक्रिया में हो, वीडियो सही समय पर रिकॉर्ड किया गया हो या फिर एडिटिंग और टाइमिंग के जरिए ऐसा भ्रम पैदा किया गया हो। यह भी संभव है कि वीडियो का मकसद केवल सोशल मीडिया पर वायरल होना हो।
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सलाह दी जाती है कि डिजिटल दौर में वायरल वीडियो पर तुरंत भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है। अगर कोई वीडियो बैंकिंग या साइबर सुरक्षा से जुड़ा दावा करता है तो उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों या विशेषज्ञों से जरूर करें। फिलहाल एटीएम को किसी सामान्य मोबाइल ऐप से नियंत्रित किए जाने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। ऐसे में अफवाहों से बचना और तथ्य आधारित जानकारी पर भरोसा करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।