Airtel IQ Gateway: कारोबार में ग्राहकों से बातचीत अब सिर्फ SMS तक सीमित नहीं है। कंपनियां WhatsApp, RCS, वॉइस और दूसरे डिजिटल चैनलों का इस्तेमाल करती हैं। ऐसे में अलग-अलग प्लेटफॉर्म और सर्विस प्रोवाइडर्स को मैनेज करना चुनौती बन सकता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए Airtel Business ने Airtel IQ Gateway लॉन्च किया है। जिसको लेकर कंपनी का कहना है कि यह भारत का पहला टेलीकॉम-ग्रेड नेटवर्क इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है जो एंटरप्राइज़ कम्युनिकेशन के अलग-अलग चैनलों को एक कंट्रोल प्लेटफॉर्म पर लाता है।
Airtel ने बताया है कि DPDP-अनुपालक Airtel IQ Gateway में SMS, WhatsApp, RCS, बिजनेस वॉइस और नंबर वेरिफिकेशन के लिए Silent Authentication को एक साथ मैनेज किया जा सकता है। इसका मकसद कंपनियों को अलग-अलग सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच लगातार स्विच करने के बजाय एक ही सिस्टम से अपने ग्राहक संचार को संभालने की सुविधा देना है। वहीं प्लेटफॉर्म में एक डैशबोर्ड के जरिए कम्युनिकेशन की निगरानी, रियल-टाइम एनालिटिक्स और मैसेज डिलीवरी की जानकारी देखने की सुविधा भी दी गई है।
Airtel IQ Gateway की खासियत सिर्फ अलग-अलग चैनल को जोड़ना नहीं है। कंपनी ने इसे नेटवर्क-लेवल फ्रॉड प्रोटेक्शन के साथ तैयार किया है। Airtel ने इसको लेकर बताया है कि प्लेटफॉर्म कृत्रिम रूप से बढ़ने वाले ट्रैफिक और SMS पंपिंग जैसी गतिविधियों से होने वाले वित्तीय नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है। इसमें Airtel IQ Verify नेटवर्क, डिवाइस और इस्तेमाल से जुड़े संकेतों का आकलन करता है। वहीं Silent Authentication लॉगिन या SIM-बाइंडिंग के दौरान OTP SMS की जरूरत को कम करने के लिए यह जांचता है कि दर्ज नंबर उसी डिवाइस में सक्रिय SIM से मेल खाता है या नहीं। इससे SIM-swap और सोशल इंजीनियरिंग से जुड़े जोखिमों को कम करने का लक्ष्य है।
Airtel IQ Gateway में DLT का एकीकरण, सर्विस प्रोवाइडर के फेल होने पर दूसरे प्रोवाइडर पर ऑटोमैटिक स्विच और SMS, WhatsApp, RCS व वॉइस के बीच इंटेलिजेंट रूटिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसका सीधा फायदा उन कंपनियों को हो सकता है जिन्हें बड़े पैमाने पर ग्राहकों तक जरूरी संदेश पहुंचाने होते हैं। वहीं Airtel का कहना है कि प्लेटफॉर्म को मौजूदा कम्युनिकेशन वर्कफ्लो के साथ जोड़ा जा सकता है। इसे एंटरप्राइज़ के परिसर में तैनात करने के अलावा Airtel Cloud पर SaaS के तौर पर भी चलाया जा सकता है। इसे चुनिंदा बैंकों, वित्तीय संस्थानों और अन्य उद्योगों के साथ सफल परीक्षण के बाद देशभर में लॉन्च किया गया है।
वहीं Airtel Business के CEO शरत सिन्हा ने कहा,"जैसे-जैसे भारत एक सुरक्षित और समावेशी डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, हर डिजिटल संवाद की नींव भरोसे पर आधारित होना आवश्यक है। आज सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया ग्राहक जुड़ाव वह आधार बन चुका है, जिस पर एंटरप्राइज़ पूरे विश्वास के साथ अपने कारोबार का विस्तार कर सकते हैं। एयरटेल में हमने अपने मोबाइल और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से लाखों उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखने में नेटवर्क-स्तरीय फ़्रॉड डिटेक्शन की क्षमता को पहले ही साबित किया है। आईक्यू गेटवे के माध्यम से हम इसी सिद्ध विशेषज्ञता को एंटरप्राइज़ तक पहुँचा रहे हैं, ताकि वे अपने ब्रांड पर भरोसा कायम कर सकें और यह सुनिश्चित कर सकें कि ग्राहकों के साथ होने वाला हर संवाद सुरक्षित, प्रमाणित और निर्बाध बना रहे। नेटवर्क स्तर पर भरोसे को शामिल करके हम अपने एंटरप्राइज़ ग्राहकों, विशेष रूप से बैंकों, सरकारी विभागों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को साइबर अपराध से होने वाले नुकसान को कम करने और ग्राहकों के साथ होने वाले हर संवाद की विश्वसनीयता मजबूत करने में सक्षम बना रहे हैं। यह भारत के लिए अधिक सुरक्षित डिजिटल भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जहाँ नागरिक और व्यवसाय समान विश्वास के साथ डिजिटल लेन-देन और संवाद कर सकें।"