Andhra Pradesh AI Hub: आंध्र प्रदेश अब टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। राज्य सरकार ने संयुक्त राष्ट्र की संस्था United Nations International Computing Centre (UNICC) के साथ मिलकर अमरावती क्वांटम वैली में एआई और क्वांटम का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) स्थापित करने का फैसला किया है। नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान इस संबंध में लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
यह सेंटर अमरावती को सुरक्षित और संप्रभु एआई डिप्लॉयमेंट के लिए "डिजिटल एम्बेसी" के रूप में स्थापित करेगा। संयुक्त राष्ट्र स्तर के साइबर सुरक्षा मानकों के अनुरूप एआई सिस्टम विकसित किए जाएंगे, जिससे वैश्विक भरोसा बढ़ेगा। इस साझेदारी से अंतरराष्ट्रीय श्रेष्ठ प्रथाएं और वैश्विक सहयोग आंध्र प्रदेश तक पहुंचेगा, जिससे राज्य विश्व स्तर पर ट्रस्टेड एआई और क्वांटम रेडीनेस के नक्शे पर उभरेगा। इस अवसर पर UNICC के निदेशक समीर चौहान और एआई हब प्रमुख अनुशा डंडापानी से मुलाकात भी हुई।
राज्य सरकार ने IBM के साथ मिलकर अगले 3 से 5 वर्षों में 1 लाख युवाओं को एआई, साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। यह प्रशिक्षण इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप होगा, जिससे युवाओं को भविष्य के अनुरूप कौशल मिलेंगे और राज्य की उभरती टेक वर्कफोर्स मजबूत होगी। नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान IBM की वरिष्ठ उपाध्यक्ष एना पाउला, IBM इंडिया एवं साउथ एशिया के प्रबंध निदेशक संदीप पटेल, IBM रिसर्च इंडिया के निदेशक एवं CTO डॉ. अमिथ सिंघी और किशोर बालाजी की मौजूदगी में समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
आंध्र प्रदेश सरकार ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) के साथ भी समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। इसके तहत NIELIT अपना दक्षिण भारत का पहला कैंपस अमरावती में स्थापित करेगा। MeitY के स्किल डेवलपमेंट विंग के तहत NIELIT Deemed to be University, राज्य को क्वांटम और एआई शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद करेगा। साथ ही, सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को स्किल आधारित मजबूती देने की दिशा में भी काम होगा। इस अवसर पर NIELIT के महानिदेशक डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी मौजूद रहे।
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इन पहलों से मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे। अमरावती का टेक हब के रूप में विकास न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि भारत को वैश्विक टेक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाएगा।