नई दिल्ली : कोविड-19 महामारी ने दुनिया को एक ऐसे मोड़ पर ला दिया है जिसने हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित किया है। लॉकडाउन और सामाजिक दूरी के नियमों ने हमें घर पर रहने के लिए मजबूर कर दिया है, जिससे हमारे रहने और काम करने के तरीके में आमूल बदलाव आया है। इस कठिन समय में टेक्नोलॉजी हमारी सबसे बड़ी सहयोगी साबित हुई है। प्रौद्योगिकी ने न केवल हमें जुड़े रहने में मदद की है, बल्कि हमारे काम करने और खेलने के तरीके को भी बदल दिया है।
बता दें कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, तकनीक हर क्षेत्र में व्याप्त हो गई है। कोरोना काल ने हमें ये बता दिया है कि टेक्नोलॉजी हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गई है और अब हम इसके बिना नहीं रह सकते।
क्वारैंटाइन के दौरान घर से निकलना मुश्किल हो गया। इस स्थिति में, क्विक कॉमर्स ऐप्स हमारे लिए वरदान साबित हुए हैं। इन ऐप्स का उपयोग करके, हम घर से अपनी ज़रूरत की हर चीज़ ऑर्डर करने में सक्षम थे। किराने का सामान हो या दवाइयां, सब कुछ- बस कुछ ही मिनटों में हमारे घर पहुंच जाता था। ब्लिंकिट, ज़ेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट, डंज़ो आदि जैसे ऐप्स। मिनटों के भीतर डिलीवरी प्रदान कर देतें है।
हमारे व्हाट्सएप समूह हमारे ऑफिस बन गए। व्हाट्सएप ने ग्रुप मेंबर्स की संख्या बढ़ाकर 1000 कर दी है। इससे ग्रुप में 1000 लोगों को रखना आसान हो गया है। ऑफिस के काम से लेकर दोस्तों के साथ चैटिंग तक सब कुछ व्हाट्सएप ग्रुप में होता था। कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं ताकि वे घर से काम करते समय भी संपर्क में रह सकें।
वीडियो कॉलिंग ने हमें अपने दोस्तों और परिवार वालों से जुड़े रहने में बहुत मदद की है। दरअसल लॉकडाउन के दौरान हम वीडियो कॉल से एक-दूसरे से मिल पाते थे, और वीडियो कॉलिंग ने हमारी सोशल लाइफ को बनाए रखने में खास भूमिका निभाई।