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खेल

विनेश फोगाट ने दुखी मन से किया संन्यास का ऐलान, लिखा- मां कुश्ती जीत गई, मैं हार गई

दुखी मन विनेश फोगाट ने कुश्ती से संन्यास ले लिया है। उन्होंने संन्यास लेते हुए दिल को झकझोर देने वाली बात भी कही। पेरिस ओलंपिक से डिस्क्वालिफाई किए जाने की घटना से आहत विनेश फोगाट ने अपने संन्यास की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए दी है। विनेश को ओलंपिक की महिलाओं की 50 किलो कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से पहले वजन अधिक पाये जाने के कारण बीते बुधवार को ओलंपिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

राहुल गोस्वामी

नई दिल्ली: पेरिस ओलिंपिक में डिसक्वालिफाई होने के बाद भारत की धाकड़ रेसलर विनेश फोगाट ने कुश्ती से संन्यास का ऐलान कर दिया है। आज संन्यास लेते हुए दिल को झकझोर देने वाली बात कही। विनेश ने ये फैसला पेरिस ओलंपिक में हुए अपने डिस्क्वालिफिकेशन के बाद लिया है। उन्होंने अपने संन्यास की जानकारी 'X' के जरिए दी।उन्होंने संन्यास लेते हुए कहा की वो देशवासियों की ऋणी रहेंगी। अलविदा कुश्ती।

मां से मांगी माफी

विनेश ने आज गुरुवार तड़के सुबह 'X' पर एक पोस्ट में लिखा कि, "मां कुश्ती मेरे से जीत गई, मैं हार गई। माफ करना आपका सपना, मेरी हिम्मत सब टूट चुके। इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब। अलविदा कुश्ती 2001-2024, आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी माफी।"

जानकारी दें कि एक स्तब्ध करने वाले घटनाक्रम में विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक की महिलाओं की 50 किलो कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से पहले वजन अधिक पाये जाने के कारण बीते बुधवार को ओलंपिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। जिससे अब वह खाली हाथ ही रह गईं। जबकि इस खेल में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद अंतिम पंघाल भी बाहर हो गईं हैं।

गौरतलब है कि विनेश ने ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रचा था । बीते सुबह तक उनका कम से कम रजत पदक पक्का लग रहा था लेकिन उनका वजन 100 ग्राम अधिक पाया गया । इसके बाद 29 वर्ष की विनेश को खेलगांव में पोली क्लीनिक ले जाया गया क्योंकि सुबह उनके शरीर में पानी की कमी हो गई थी ।

इस पर भारतीय ओलंपिक संघ ने विनेश की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करते हुए कहा था कि ,‘‘ हमें यह खबर देते हुए खेद हो रहा है कि विनेश फोगाट महिला कुश्ती के 50 किलो वर्ग से अयोग्य घोषित कर दी गई है । पूरी रात टीम के अथक प्रयासों के बावजूद सुबह उसका वजन 50 किलो से अधिक पाया गया ।''

दरअसल युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के नियमों के अनुसार पहलवान को वजन कराने की अवधि में कई बार अपना वजन कराने का अधिकार होता है। नियम के अनुसार "अगर कोई खिलाड़ी पहली और दूसरी बार वजन कराने के समय उपस्थित नहीं होता या अयोग्य होता है तो उसे स्पर्धा से बाहर कर दिया जायेगा और वह आखिरी स्थान पर रहेगा । उसे कोई रैंक नहीं मिलेगी ।''

जब प्रधानमंत्री मोदी ने बढाया हौसला

इस घटना पर धानमंत्री मोदी ने विनेश के मामले में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी टी उषा से तफ्सील से जानकारी ली थी और विभिन्न विकल्पों के बारे में भी पूछा था । उन्होंने विनेश की मदद के लिये इस फैसले के खिलाफ सख्त विरोध दर्ज कराने के लिये भी कहा था। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विनेश की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि वह भारत का गौरव हैं और उन्हें मजबूती से वापसी करनी है ।

इस बाबत उन्होंने 'X' पर लिखा था, " विनेश आप चैम्पियनों में चैम्पियन हो । आप भारत का गौरव हो और हर भारतीय के लिये प्रेरणास्रोत हो ।आज के झटके से दुख पहुंचा है । काश मैं शब्दों में बता पाता कि इस समय कितना मायूस हूं । लेकिन मुझे पता है कि आप फिर वापसी करोगी। चुनौतियों का डटकर सामना करना आपके स्वभाव में है । मजबूती से वापसी करो। हम सभी आपके साथ हैं।''

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