Ruud Gullit to FIFA President: अमेरिका की इमिग्रेशन नीतियों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच डच फुटबॉल दिग्गज रुड गुलिट ने बुधवार को एक ओपन लेटर जारी करते हुए फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से इस्तीफा देने की मांग की है। यह पत्र फीफा वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने से एक दिन पहले आया है।
हाल के दिनों में टूर्नामेंट के लिए यात्रा करने वाली टीमों और अधिकारियों से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं। ईरान की राष्ट्रीय टीम को अपना ट्रेनिंग कैंप मेक्सिको ले जाना पड़ा और कई सपोर्ट स्टाफ को वीजा नहीं मिला। रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमालिया के रेफरी ओमर आर्टन को अमेरिका में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इराकी स्ट्राइकर आयमेन हुसैन को शिकागो एयरपोर्ट पर सात घंटे तक रोके रखा गया और टीम फोटोग्राफर तल्हा सलाह को देश में प्रवेश करने से मना कर दिया गया। 'सिन्हुआ' की रिपोर्ट के अनुसार, सेनेगल और उज्बेकिस्तान की टीमें जब अमेरिका पहुंची, तो उनकी गहन तलाशी ली गई। साथ ही, इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि क्या अमेरिका के यात्रा प्रतिबंधों से प्रभावित देशों के फैन और पत्रकार टूर्नामेंट में शामिल हो पाएंगे या नहीं?
नीदरलैंड के लिए 66 मैच खेलने वाले गुलिट की गिनती देश के महानतम खिलाड़ियों में होती है। उन्होंने ओपन लेटर में लिखा, "मैं लंबे समय तक चुप रहा, क्योंकि इस वर्ल्ड कप को फुटबॉल के नजरिए से देखना चाहता था, लेकिन जैसे-जैसे हम तैयारियों में आगे बढ़ रहे हैं, यह स्पष्ट होता जा रहा है कि फुटबॉल अब मुख्य मुद्दा नहीं रह गया है। इसी वजह से, मेरा मानना है कि जियानी इन्फेंटिनो को फीफा प्रेसिडेंट के पद से हटने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। वर्ल्ड कप लोगों को एकजुट करने वाला होना चाहिए। इसके बजाय, यह टूर्नामेंट बंटवारे, राजनीतिक विवादों, यात्रा प्रतिबंधों और प्रशासनिक विफलताओं का प्रतीक बनता जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "हमें ऐसी खबरें मिल रही हैं कि ईरानी फैंस के टिकट आवंटन रद्द कर दिए गए हैं। हमने सोमालिया के रेफरी ओमर आर्टन का मामला देखा है, जिन्हें फीफा ने योग्यता के आधार पर उच्चतम स्तर पर रेफरिंग के लिए चुना था, फिर भी उन्हें मेजबान देश में प्रवेश करने से रोक दिया गया। ये मामूली मुद्दे नहीं हैं। ये उस भावना पर चोट करते हैं जिसका प्रतिनिधित्व वर्ल्ड कप को करना चाहिए।"
गुलिट ने कहा कि फीफा फुटबॉल को एक वैश्विक खेल के तौर पर पेश नहीं कर सकता, "जबकि योग्य समर्थकों, अधिकारियों और प्रतिभागियों को ऐसी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिनका फुटबॉल से कोई लेना-देना नहीं है। संगठन की पहली जिम्मेदारी प्रतियोगिता की निष्पक्षता और सुलभता की रक्षा करना है।"
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इसके बाद गुलिट ने इन्फेंटिनो की सीधे तौर पर आलोचना करते हुए कहा, "लीडरशिप का मतलब नेताओं के साथ फोटो खिंचवाना या कमर्शियल सफलता का जश्न मनाना नहीं है। लीडरशिप का मतलब मुश्किल समय में जिम्मेदारी लेना है। इसीलिए मेरा मानना है कि मिस्टर इन्फेंटिनो को खुद से यह सवाल पूछना चाहिए कि क्या वे अभी भी वर्ल्ड फुटबॉल की अगुवाई करने के लिए सही व्यक्ति हैं। फुटबॉल की दुनिया जवाब, जवाबदेही और लीडरशिप की हकदार है। अगर मौजूदा प्रशासन के तहत ये चीजें नहीं मिल सकतीं, तो शायद अब फीफा में नई लीडरशिप का समय आ गया है। वर्ल्ड कप दुनिया का है, न कि सरकारों, राजनीतिक हितों या फुटबॉल प्रशासकों का। यह खिलाड़ियों, रेफरी और फैंस का है।"
IANS इनपुट के साथ