नरेंद्र मोदी (सौजन्य-एक्स) 
खेल

पीएम नरेंद्र मोदी ने की पेरिस ओलंपिक 2024 के खिलाड़ियों मुलाकात, खिलाड़ियों ने की मन की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस ओलंपिक में गए भारतीय खिलाड़ियों से की खास मुलाकात। खिलाड़ियों से खास बातचीत कर उन्हे संबोधित किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने उनका हौसला बढ़ाया और मेडलिस्ट खिलाड़ियों की तारीफ भी की। उन्होंने खिलाड़ियों से उनसे मन की बात की।

प्रिया जैस

दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने पेरिस ओलंपिक 2024 के खिलाड़ियों के साथ खास बातचीत की और उन्हें संबोधित किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने उनका हौसला बढ़ाया और मेडलिस्ट खिलाड़ियों की तारीफ भी की।  पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "...खेल ऐसा क्षेत्र है जहां कोई हारता नहीं है बल्कि सीखता है। जो हार गए हैं उन्हें ये नहीं सोचना है कि वह पीछे रह गए हैं। आप बहुत कुछ सीखकर आए हैं.."

नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों की बढ़ाई करते हुए कहा खेलो इंडिया के 28 खिलाड़ियों ने पेरिस ओलंपिक में भाग लिया था। भारत की महिला पहलवान विनेश फोगाट पहली भारतीय जो कुश्ती के फाइनल तक पहुंची है। उन्होंने भारत के पेरिस ओलंपिक के मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा, मनु भाकर, अमन सेहरावत, सरबजोत सिंह, भारतीय हॉकी टीम, स्वप्निस कुसाले की तारीफ की।

पीएम ने अपने संबोधन में कहा, खेलों के लिए बजट बढ़ाया जा रहा है। कंपीटीशन बढ़ता जा रहा है, ऐसे में हम खिलाड़ियों को वर्ल्ड क्लास फेसिलिटी देने का प्रयास हमारी ओर से किया जा रहा है। भरोसे का प्रतीक है जो देश अपनी युवी पीढी पर बहुत ज्यादा भरोसा है। पिछली बार की तरह इस बार भी बेटियों ने देश का नाम बढ़ाया है।

पीएम ने की बातचीत

पीएम मोदी ने भारतीय दल से बातचीत करते हुए कहा, "आप सभी का यहां होना सम्मान की बात है...पीआर श्रीजेश ने साबित कर दिया कि उन्हें 'द वॉल' क्यों कहा जाता है। पदक जीतने वाले सभी लोगों और यहां तक ​​कि एक अंक से हारने वालों ने भी दोहराया कि यह गाथा तब तक नहीं रुकेगी जब तक वे स्वर्ण नहीं जीत लेते।"

मनु भाकर ने कहा

निशानेबाज मनु भाकर, जिन्होंने ओलंपिक के एक ही संस्करण में दो पदक जीतकर इतिहास रच दिया, ने कहा कि पीएम मोदी ने उनका बहुत हौसला बढ़ाया। मनु भाकर ने कहा, "मुझे बहुत अच्छा लगा कि पदक जीतने के बाद मुझे प्रधानमंत्री सर का फोन आया। उन्होंने मुझे बहुत प्रोत्साहित किया।"

लक्ष्य ने साझां किया अनुभव

इसके अलावा बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने कोच प्रकाश पादुकोण के साथ अपने प्रशिक्षण के बारे में बताया। "प्रकाश सर ने ओलंपिक में मैचों के दौरान मेरा फोन लिया और कहा कि टूर्नामेंट के अंत तक तुम्हें यह नहीं मिलेगा। इस पूरी यात्रा में बहुत से लोगों ने मेरा साथ दिया। पेरिस में दौड़ने का मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा। यह थोड़ा दुखद था क्योंकि मैं पदक जीतने के बहुत करीब पहुंच गया था, लेकिन जीत नहीं सका। मैं भविष्य में और बेहतर करने की कोशिश करूंगा," शटलर ने कहा।

श्रीजेश ने बताया संन्यास की वजह

पूर्व भारतीय हॉकी गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने भी अपने सफ़र के बारे में बात की और कहा, "मैं पिछले कुछ सालों से संन्यास लेने के बारे में सोच रहा था। मैं 2002 में शिविर में शामिल हुआ और 2004 में जूनियर स्तर पर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। मैंने तब से खेला है और 20 साल तक देश का प्रतिनिधित्व किया है, इसलिए मैंने सोचा कि मुझे अच्छे स्तर पर खेल से संन्यास ले लेना चाहिए, इसलिए ओलंपिक वह मंच था। यह हमारे लिए कठिन था क्योंकि हम सेमीफाइनल हार गए थे। हमारी ए टीम पेरिस गई और हमने सोचा कि हम स्वर्ण पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। कांस्य पदक मैच से पहले, हर खिलाड़ी ने कहा कि हमें श्री भाई के लिए खेलना है।"

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