पेरिस: पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत को दूसरा गोल्ड मेडल मिल गया है। भारत के कुमार नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 बैडमिंटन फाइनल में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने फाइनल के कड़े मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन के डेनियल बेथेल को हराकर पैरालंपिक में पहली बार गोल्ड जीता है।
एसएल3 वर्ग के खिलाड़ियों के शरीर के निचले हिस्से में अधिक गंभीर विकार होता है और वह आधी चौड़ाई वाले कोर्ट पर खेलते हैं। जब नितेश 15 वर्ष के थे तब उन्होंने 2009 में विशाखापत्तनम में एक रेल दुर्घटना में अपना बायां पैर खो दिया था लेकिन वह इस सदमे से उबर गए और पैरा बैडमिंटन को अपनाया।
नितेश की जीत के साथ एसएल3 वर्ग का स्वर्ण पदक भारत के पास बरकरार रहा। तोक्यो में तीन साल पहले जब पैरा बैडमिंटन ने पदार्पण किया था तो प्रमोद भगत ने इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था।
वहीं कुमार नितेश के गोल्ड जीतते ही भारत की झोली में नौवां मेडल आ गया है। जबकि यह 2024 पैरालंपिक खेलों में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल है। उनसे पहले अवनि लेखरा ने गोल्ड जीता है।
पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत के पास 9 पदक हो गए हैं। जिसमें 2 स्वर्ण पदक 3 रजत और 4 कांस्य हैं। भारत अब पेरिस पैरालंपिक के अंक-तालिका में 22वें स्थान पर आ गया है। अंक तालिका में 79 पदक के साथ चाइना पहले स्थान पर है। ग्रेट ब्रिटेन 45 पदकों के साथ दूसरे और अमेरिका 35 मेडल्स के साथ तीसरे स्थान पर है।