Preeti Pawar And Priya Ghanghas Secure Medals In CWG: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारतीय बॉक्सर प्रीति पवार और प्रिया घनघास ने अपने-अपने क्वार्टरफाइनल मुकाबले जीतकर भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है। वहीं, परवीन हुड्डा को करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा और उनका सफर यहीं समाप्त हो गया।
स्कॉटिश इवेंट कैंपस में खेले गए महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टरफाइनल में 22 वर्षीय प्रीति पवार ने नॉर्दर्न आयरलैंड की निकोल क्लाइड को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हराया। हरियाणा के भिवानी की रहने वाली प्रीति ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और अपने तेज मूवमेंट से प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया।
प्रीति ने पहले राउंड में लगातार सटीक दाएं और बाएं जैब लगाकर सभी जजों को प्रभावित किया। चार जजों ने उन्हें 10-9 , जबकि एक जज ने 10-8 के स्कोर से बढ़त दी। दूसरे राउंड में भी उन्होंने शानदार लय बरकरार रखते हुए तेज जैब और अपरकट की मदद से एक बार फिर सभी जजों का फैसला अपने पक्ष में कर लिया।
हमले के साथ-साथ प्रीति की डिफेंस भी बेहतरीन रही। निकोल क्लाइड जब भी करीब आने की कोशिश करतीं, प्रीति उनके पंच से बचने या उन्हें ब्लॉक करने में सफल रहीं। तीसरे राउंड में भी भारतीय मुक्केबाज पूरी तरह हावी रहीं और मुकाबला 5-0 से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।
जीत के बाद प्रीति ने कहा, 'मैं सभी भारतीयों का धन्यवाद करना चाहती हूं, जिन्होंने मुझे आशीर्वाद और दुआएं दीं। मेरी जिंदगी में कई चुनौतियां आईं, लेकिन अब मैं अपने खेल को पहले से बेहतर समझती हूं। मैंने आज अपना 100 प्रतिशत दिया और अगले मुकाबले में भी पूरी ताकत से उतरूंगी।' उन्होंने आगे कहा, 'मैने जैसा गेम प्लैन किया था वैसे ही अपने गेम में लागू किया और मेरा प्रर्दशन वैसा ही रहा जैसा मैने सोचा था।'
उन्होंने ये भी बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले बेलफास्ट में लगाए गए ट्रेनिंग कैंप के दौरान उन्होंने निकोल क्लाइड के साथ स्पैरिंग की थी, जिससे उन्हें इस मुकाबले की तैयारी में काफी मदद मिली।
इसके बाद महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टरफाइनल में भिवानी, हरियाणा की रहने वाली पूर्व वर्ल्ड यूथ चैंपियन प्रिया घनघास ने मेजबान स्कॉटलैंड की नियाम मिशेल को 4-1 से हराकर भारत के लिए एक और कंस्य पदक पक्का कर दिया। प्रिया घनघास ने बताया कि उन्हे यही पर नहीं रुकना है, उनकी नजर गोल्ड जीतने पर है। उन्होंने आगे कहा कि ये मेरा पहला कॉमनवेल्थ गेम्स था और मुझे बहुत अच्छा लग रहा है अपने देश भारत को मेडल दिला के।
हालांकि, महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में भारत को निराशा हाथ लगी। परवीन हुड्डा इंग्लैंड की साशा हिकी के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में 2-3 के विभाजित फैसले से हार गईं और टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।
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प्रीति पवार और प्रिया घनघास की जीत के साथ भारत ने मुक्केबाजी में अपने पदकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ा दिया है। अब दोनों भारतीय मुक्केबाज सेमीफाइनल में उतरकर फाइनल का टिकट हासिल करने और स्वर्ण पदक की दौड़ में बने रहने की कोशिश करेंगी।