Gulveer Singh Wins Historic Silver At CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पांचवें दिन 28 जुलाई को भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 12 पदकों का आंकड़ा छू लिया। दिन के अंत तक भारत के खाते में 2 गोल्ड, 7 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल हो गए, जिससे टीम पदक तालिका में टॉप-10 (9वें स्थान) में बनी हुई है। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीता, जबकि वेटलिफ्टिंग में हरजिंदर कौर ने रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा बॉक्सिंग में भारत ने तीन और पदक पक्के कर लिए।
26 वर्षीय गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में इतिहास रच दिया। स्कॉटलैंड की बारिश के बीच खेले गए मुकाबले में उन्होंने शुरुआत से ही खुद को लीडिंग ग्रुप में बनाए रखा। आखिरी 400 मीटर में ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने बढ़त बनाई, लेकिन गुलवीर ने अंतिम लैप में शानदार स्प्रिंट लगाते हुए 27:49.78 मिनट के समय के साथ सिल्वर मेडल जीत लिया।
ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने गोल्ड और आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। गुलवीर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में लंबी दूरी की ट्रैक स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए। खास बात यह भी रही कि 1986 के बाद पहली बार इस स्पर्धा के पोडियम पर कोई अफ्रीकी धावक नहीं पहुंच सका।
भारत की अनुभवी वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने महिलाओं के 69 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर देश की झोली में एक और पदक डाला। बर्मिंघम 2022 में ब्रॉन्ज जीतने वाली हरजिंदर ने इस बार अपना प्रदर्शन बेहतर करते हुए कुल 221 किग्रा वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 101 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 120 किग्रा वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया। कनाडा की 21 वर्षीय चार्लोट सिमोनो ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया की ओलिविया हेमन को ब्रॉन्ज मिला। इस पदक के साथ ग्लासगो गेम्स में भारत के वेटलिफ्टिंग पदकों की संख्या सात हो गई।
हरजिंदर ने कहा, 'मैं भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतकर बहुत खुश हूं। मुझे अपने प्रदर्शन पर बेहद गर्व महसूस हो रहा है। मैंने ट्रेनिंग के दौरान क्लीन एंड जर्क में इससे ज्यादा भी वजन उठाया है, लेकिन मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि मैंने यहां अपने सभी छह लिफ्ट सफलतापूर्वक पूरे किए। मैं ग्लासगो दो लक्ष्यों के साथ आई थी पहला अपने पिछले मेडल का रंग बदलना और दूसरा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना, और मैं दोनों में सफल रही।'
उन्होंने आगे कहा 'मैं अपना ये मेडल पूरी तरह से अपने परिवार को समर्पित करती हूं। मैं भारतीय भारोत्तोलन महासंघ, खेल मंत्रालय और अपने कोचों की आभारी हूं जिन्होंने मेरा हमेशा साथ दिया।'
यह भी पढ़ें- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: प्रीति पवार और प्रिया घनघास ने भारत के लिए पक्का किया पदक; क्वार्टरफाइनल में दिखाया दम
कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले सभी खिलाड़ियों को कम से कम ब्रॉन्ज मेडल मिलता है। ऐसे में भारत ने क्वार्टरफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन और पदक सुनिश्चित कर लिए।
पुरुषों के बैंटमवेट वर्ग के क्वार्टरफाइनल में जादुमणि सिंह मांडेंगबाम ने जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले को एकतरफा मुकाबले में हराया। उन्होंने पूरे मुकाबले में सटीक जैब और शानदार काउंटर पंच लगाए और सभी जजों से सर्वसम्मत फैसला अपने पक्ष में हासिल कर सेमीफाइनल में जगह बनाई। उनके इस प्रदर्शन के साथ भारत का एक और पदक पक्का हो गया। भारत की बॉक्सिंग टीम अब सेमीफाइनल मुकाबलों में इन पदकों का रंग बदलने के इरादे से उतरेगी।