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पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वरुण आरोन आज अपना 37वां जन्मदिन मना रहे हैं
वरुण का जन्म 29 अक्टूबर 1989 को झारखंड के जमशेदपुर में हुआ था
वरुण ने दुनिया भर के बल्लेबाजों को खौफ में डाला
Varun Aaron fastest ball speed: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज वरुण आरोन आज यानी गुरुवार, 29 अक्टूबर को अपना 37वां जन्मदिन मना रहे हैं। रफ्तार के सौदागर, अपनी तूफानी गेंदबाजी से बल्लेबाजों के होश उड़ाने वाले वरुण आज 37 साल के हो गए है।
वरुण जन्म 29 अक्टूबर 1989 को झारखंड के जमशेदपुर में हुआ था। भारतीय क्रिकेट इतिहास में जब भी सबसे तेज गेंदबाजों की बात होती है, तो वरुण एरोन का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है।
दरअसल, वरुण एरोन भारत के उन चुनिंदा गेंदबाजों में से एक रहे, जिन्होंने लगातार 150 किमी/घंटे से अधिक की स्पीड से गेंदबाजी कर दुनिया भर के बल्लेबाजों को खौफ में डाला। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, जितनी तेज उनकी रफ्तार थी, उतनी ही तेजी से चोटों ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर ब्रेक लगा दिया। आइए उनके जन्मदिन पर जानते हैं इस 'स्पीड स्टार' के फर्श से अर्श और फिर चोटों के चक्रव्यूह की पूरी कहानी।
आपको बता दें कि वरुण एरोन को बचपन से ही क्रिकेट और खासकर तेज गेंदबाजी से गहरा लगाव था। महज 14 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आग उगलती गेंदों से स्थानीय स्तर पर तहलका मचा दिया था।
उनकी इसी प्रतिभा को देखते हुए 15 साल की उम्र में उनका चयन चेन्नई के मशहूर एमआरएफ पेस फाउंडेशन में हुआ। यहां दिग्गज कोचों की देखरेख में वरुण की तकनीक और रफ्तार को और ज्यादा धार मिली।
साल 2008 में वरुण ने घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया। इसके बाद विजय हजारे ट्रॉफी 2010-11 के दौरान उन्होंने 153 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर हर किसी को सन्न कर दिया। घरेलू क्रिकेट में उनका दबदबा ऐसा था कि उन्होंने 66 फर्स्ट क्लास मैचों में 173 विकेट चटकाए, जिसमें 6 बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा भी शामिल रहा। इस धमाकेदार प्रदर्शन के दम पर जल्द ही उन्हें टीम इंडिया का टिकट मिल गया।
वरुण एरोन ने साल 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना वनडे और टेस्ट डेब्यू किया। उनके करियर का सबसे चर्चित और आक्रामक पल साल 2014 के इंग्लैंड दौरे पर आया। ओवल टेस्ट के दौरान वरुण एरोन की एक तीखी और रफ्तार भरी बाउंसर इंग्लैंड के बल्लेबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के हेलमेट को चीरती हुई सीधे उनकी नाक पर जा लगी। ब्रॉड की नाक से खून बहने लगा और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। इस एक गेंद ने पूरी दुनिया को वरुण की रफ्तार का लोहा मानने पर मजबूर कर दिया था।
वरुण एरोन का करियर जितना उम्मीदों से भरा था, उसका अंत उतना ही दर्दनाक रहा। तेज गेंदबाजी और भारी वर्कलोड के कारण उनका शरीर लगातार चोटों का शिकार होता रहा। अपने करियर के दौरान वरुण को 8 बार स्ट्रेस फ्रैक्चर जैसी गंभीर चोट से जूझना पड़ा। इसके अलावा, तीन बार उनके पैर में भी फ्रैक्चर हुआ।
बार-बार होने वाली इंजरी के कारण वरुण अपनी लाइन और लेंथ खो बैठे। रफ्तार होने के बावजूद प्रदर्शन में निरंतरता की कमी साफ दिखने लगी। इसी बीच टीम इंडिया में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसे नए गेंदबाजों के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ गई।
नतीजा यह हुआ कि साल 2015 में वह भारतीय टीम से बाहर हो गए और फिर कभी कमबैक नहीं कर सके। वरुण ने भारत के लिए 9 टेस्ट में 18 विकेट और 9 वनडे में 11 विकेट हासिल किए। वरुण ने अपने इंटरनेशनल करियर में 18 मैचों का भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
वरुण ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 2011 में टेस्ट डेब्यू किया था और भारत के लिए खेले कुल नौ टेस्ट मैचों में 18 विकेट झटके। इस दौरान उनकी इकोनॉमी 4.78 की रही। वहीं, टेस्ट में डेब्यू से ठीक एक महीने पहले उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में खेलने का मौका मिला। वरुण ने नौ वनडे मैचों में 11 विकेट लिए। इसके अलावा वरुण आईपीएल का भी हिस्सा रहे और उन्होंने 52 आईपीएल मैचों में कुल 44 विकेट झटके।
वरुण आरोन का अंतिम टेस्ट और वनडे, IPL
वरुण आरोन ने अपना अंतिम टेस्ट मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नवंबर 2015 में खेला था, जबकि वनडे में भारत के लिए आखिरी बार वह श्रीलंका के खिलाफ नवंबर 2014 में खेले थे। वहीं, वरुण ने आईपीएल में अपना अंतिम मैच अप्रैल 2022 में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेला था।
वरुण ने अपना पहला वनडे मैच इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े में खेला था। साल 2022 में नई फ्रैंचाइजी गुजरात टाइटंस का हिस्सा रहे एरोन, हार्दिक पंड्या की कप्तानी में IPL के विजेता भी बनें। MRF पेस एकेडमी के प्रोडक्ट रहे एरोन अब क्रिकेट कमेंटेटर के रूप में नजर आते हैं।