वैभव सूर्यवंशी और मनीष ओझा (फोटो-सोशल मीडिया)  
क्रिकेट

'एक शतक भी नहीं...', वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच ने अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले दिया था ये संदेश

Manish Ojha on Vaibhav Suryavanshi: वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में 175 रन की विस्फोटक पारी खेलकर इतिहास रचा। कोच मनीष ओझा की सलाह ने उनकी तकनीक और मानसिकता चमकाई।

उज्जवल सिन्हा

Vaibhav Sooryavanshi's Childhood Coach: अफगानिस्तान के खिलाफ अंडर-19 विश्व कप सेमीफाइनल जीतने के तुरंत बाद, वैभव सूर्यवंशी के कोच मनीष ओझा ने अपने शिष्य को एक हल्के मजाक के साथ वाट्सऐप संदेश भेजा। मुस्कुराते हुए ओझा ने कहा, “68 रन बनाने के बाद मैंने लिखा, ‘शायद यह पहला टूर्नामेंट होगा जिसमें तुम्हारा एक भी शतक नहीं होगा। लेकिन फाइनल में सेट हो गए, तो छोड़कर मत आना।’”

शुक्रवार को हरारे में इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने अपने कोच की बात को पूरी तरह सच साबित किया। 15 चौके और 15 छक्कों की मदद से उन्होंने न केवल धमाकेदार प्रदर्शन किया, बल्कि अंडर-19 विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक जड़ते हुए 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेली।

कोच की सलाह से वैभव ने खेली बड़ी पारी

ओझा का संदेश केवल बड़ी पारी की याद दिलाने के लिए नहीं था, बल्कि इसमें सूर्यवंशी की तकनीकी कमजोरी की ओर भी इशारा था। ओझा ने बताया, “उसे पुल शॉट में थोड़ी परेशानी हो रही थी। मैंने उसे सिर और पैर की लाइन सही रखने की सलाह दी। अगर ऑफ स्टंप के बाहर की शॉर्ट गेंद को पुल करना है, तो सिर थोड़ा गेंद की ओर होना चाहिए ताकि हाथ पूरी तरह खुलें और शॉट में ताकत आए।”

14 साल का वंडर बॉय

वैभव सूर्यवंशी अभी 14 साल के भी नहीं हैं, लेकिन उन्होंने पहले ही सीनियर स्तर पर चार शतक जड़ दिए हैं। तीन टी20 मैचों में (जिसमें एक आईपीएल शतक शामिल) और एक विजय हजारे ट्रॉफी में। उनके कोच मनीष ओझा कहते हैं, “वैभव अभी भी एक छोटा बच्चा है। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में इतने व्यस्त रहने के बावजूद वह दुनियादारी और बाहर की दुनिया की बातों से बिल्कुल अनजान है। यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।”

वैभव मानसिक रूप से परिपक्व

सूर्यवंशी ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के अंडर-19 दौरे, राइजिंग स्टार्स एशिया कप, अंडर-19 एशिया कप, रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खेलकर अनुभव हासिल किया। ओझा कहते हैं, “उसने लगातार प्रदर्शन करके दिखाया है कि वह मानसिक रूप से कितना परिपक्व है। सेट होने पर आसानी से आउट नहीं होता।”

ओझा आगे कहते हैं, “वैभव तकनीकी बातें बहुत जल्दी समझ लेता है। उसे कभी डांटा नहीं गया। जो कहा, वह दो बार करता है। लेकिन इसके बावजूद वह अभी भी एक बच्चा है। घरेलू मैचों के दौरान परिवार हमेशा उसके साथ रहता है, ताकि वह खुश और संतुलित रहे।”

Election Commission SIR Row LIVE: चुनाव आयोग में मतभेद का खुलासा, CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग

PM मोदी की चिंतन बैठक के बाद बदलेगी कैबिनेट? मंत्रियों की रेटिंग से तय होगा किसकी छुट्टी!

तुकाराम मुंढे के फैसले को राष्ट्रपति का समर्थन? हानिकारक उत्पादों के एंडोर्समेंट पर स्टार्स से की बड़ी अपील

28-30 सितंबर तक बैंक हड़ताल, ग्राहकों को राहत, 27 सितंबर रविवार को खुले रहेंगे सभी सरकारी बैंक

BJP ने प्रदेश प्रभारियों का किया ऐलान, स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, राम माधव, विनोद तावड़े को मिली जिम्मेदारी