Suryakumar Yadav on his Poor Form: भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव इन दिनों खराब फॉर्म को लेकर लगातार चर्चा में हैं। साल 2025 में अब तक उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला है, जिस वजह से उनकी आलोचना भी हो रही है। हालांकि सूर्यकुमार खुद इसे लेकर ज्यादा दबाव में नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा है कि हर खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं और वह इस दौर को सीखने की प्रक्रिया मानते हैं।
अहमदाबाद के विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए सूर्यकुमार यादव ने कहा कि खेल उन्हें जिंदगी के कई अहम सबक सिखाता है। उन्होंने कहा, “हर खिलाड़ी के करियर में एक ऐसा दौर आता है जिसे मैं लर्निंग स्टेज मानता हूं। मेरे लिए भी अभी वही समय चल रहा है। मेरी टीम के 14 खिलाड़ी मुझे पूरा सपोर्ट कर रहे हैं। उन्हें पता है कि जिस दिन मैं फॉर्म में लौटूंगा, क्या असर होगा।” उनके इस बयान पर वहां मौजूद छात्रों ने जोरदार तालियों से उनका हौसला बढ़ाया।
पिछले एक साल में नंबर तीन और चार पर बल्लेबाजी करते हुए सूर्यकुमार यादव 22 पारियों में बिना किसी अर्धशतक के सिर्फ 12.84 की औसत से रन बना पाए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में उनका प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा, जहां उनके स्कोर 12, 5, 12 और 5 रहे। टी20 विश्व कप से पहले अब उनके पास केवल पांच मैच बचे हैं।
टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम के चयन के बाद बीसीसीआई मुख्यालय में बातचीत के दौरान सूर्यकुमार ने कहा, “यह पैच थोड़ा लंबा जरूर हो गया है, लेकिन मुझे पता है कि कहां सुधार करना है। न्यूज़ीलैंड सीरीज और टी20 विश्व कप से पहले मेरे पास समय है। आप मुझे फिर से वापसी करते देखेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि वह आउट ऑफ फॉर्म नहीं हैं, बस रन नहीं बन पा रहे हैं।
2024 टी20 विश्व कप जीत के बाद रोहित शर्मा की जगह कप्तान बनने के बाद से सूर्यकुमार का बल्ला शांत रहा है। इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में उनका प्रदर्शन कमजोर रहा। हालांकि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने बेहतर स्ट्राइक रेट के साथ रन बनाए, लेकिन घरेलू मैदानों पर फिर संघर्ष करना पड़ा।
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अपने फॉर्म को वापस पाने के लिए सूर्यकुमार यादव लगातार अपने पुराने बल्लेबाजी वीडियो देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी ने पहले अच्छा प्रदर्शन किया होता है, तो वही यादें आत्मविश्वास लौटाने में मदद करती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि वह जल्द ही इस अदृश्य रुकावट को पार कर लेंगे।