Smriti Mandhana On Inspiring Young Girls In Cricket: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने हांगकांग के खिलाफ महिला एशिया कप के मुकाबले में शानदार शतक लगाकर कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। मंधाना ने 64 गेंदों पर 124 रन की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 14 चौके और 7 छक्के लगाए।
मंधाना का अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट में यह दूसरा शतक और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 18वां शतक है। उनकी शानदार पारी की बदौलत भारत ने 193 रन बनाए और फिर हांगकांग की टीम को 56 रन पर समेटकर मुकाबला 137 रन से जीत लिया।
इस मुकाबले के दौरान स्मृति मंधाना ने पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज का बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। मंधाना अब तीनों फॉर्मेट में कुल 10,880 अंतरराष्ट्रीय रन बना चुकी हैं। इससे पहले मिताली राज के नाम 10,868 रन थे।
इस उपलब्धि के साथ मंधाना अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी रिकॉर्ड या आंकड़ों के बारे में ज्यादा नहीं सोचा और उनका ध्यान हमेशा भारत के लिए मैच जीतने पर रहा।
मंधाना ने महिला क्रिकेट को लेकर अपने दिल की बात भी कही। उन्होंने कहा कि अगर उनकी वजह से 10 प्रतिशत लड़कियां भी बल्ला और गेंद उठाकर क्रिकेट खेलना शुरू करती हैं, तो उन्हें हमेशा इस बात पर गर्व और खुशी होगी।
मंधाना ने कहा कि उनके लिए सिर्फ रन और रिकॉर्ड महत्वपूर्ण नहीं हैं। वह चाहती हैं कि उनके खेल से ज्यादा से ज्यादा लड़कियों को क्रिकेट खेलने की प्रेरणा मिले।
सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम करने पर मंधाना ने मिताली राज को याद किया। उन्होंने कहा कि वह मिताली को देखते हुए बड़ी हुई हैं और वह उनके लिए हमेशा एक आदर्श रही हैं।
स्मृति मंधाना ने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह 10,000 रन तक पहुंचेंगी और मिताली से आगे निकल जाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारतीय टीम की 3-4 और खिलाड़ी 10,000 रन के क्लब में शामिल होंगी।
हांगकांग के खिलाफ मंधाना ने 7 छक्के लगाए। उन्होंने कहा कि वो लगातार अपनी छक्के लगाने की क्षमता को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही हैं। मंधाना ने कहा कि वो चाहती हैं कि लंबे शॉट खेलते समय लॉन्ग-ऑफ और लॉन्ग-ऑन के फील्डरों को भी आसानी से पार करने का आत्मविश्वास हो।